भारतीय पहलवान रविंदर कुमार डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं. प्रतिबंधित दवाई के सेवन का दोषी पाए जाने के बाद भारतीय पहलवान पर 4 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है. Also Read - Dope-Testing At IPL 2020: खिलाड़ियों के डोप टेस्ट के लिए UAE जाएंगे नाडा के अधिकारी, जानिए पूरी डिटेल

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डोपिंग में फेल होने के बाद नाडा के डोपिंग रोधी अनुशासन पैनल ने उन सभी प्रतियोगिताओं में रविंदर के परिणाम हटाने के निर्देश दिए हैं जिनमें नमूना एकत्रित किए जाने के बाद इस पहलवान ने हिस्सा लिया था. Also Read - डोपिंग बैन हटने के बाद बॉक्सर सुमित सांगवान ने नेशनल कैंप में शामिल करने की लगाई गुहार

रविंदर का नमूना पिछले साल फरवरी मार्च में जयपुर में 67वीं अखिल भारतीय पुलिस कुश्ती चैंपियनशिप के दौरान लिया गया था. नाडा ने उन्हें पिछले साल 14 मई से अस्थायी निलंबित किया था. उन पर इस तिथि से चार साल का प्रतिबंध लगाया गया है.

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इस पूरे मामले में उस वक्त भ्रम की स्थिति पैदा हो गई जब नाडा ने उन्हें विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक विजेता बताया, जबकि ऐसा नहीं था.
नाडा के सोशल मीडिया पेज में कहा गया कि डोपिंग में नाकाम रहने वाले पहलवान ने पिछले वर्ष अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है, लेकिन बाद में यह जानकारी गलत पाई गई क्योंकि रविंदर ने ऐसा कोई पदक नहीं जीता है.

दरअसल पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में रविंदर दहिया ने रजत पदक जीता था. रविंदर दहिया ने कहा कि नाडा ने उनका परीक्षण नहीं किया है. यह भ्रम एक जैसे नाम की वजह से फैला.

रविंदर दहिया ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘मैं वो रविंदर नहीं हूं जिसकर जिक्र नाडा कर रहा है. नाडा ने मेरा परीक्षण नहीं किया है. मैंने वायु सेना में काम किया है पुलिस के साथ नहीं.’