नई दिल्ली. एक कप्तान की कामयाबी का अंदाजा किसी भी सीरीज या दौरे पर उसकी कमाई से लगाया जाता है. साउथ अफ्रीका दौरा विराट कोहली की कप्तानी के लिए शानदार रहा है. इस दौरे पर उन्होंने अपनी सबसे बड़ी कमाई की है. फिर चाहे वो टेस्ट सीरीज हो, वनडे सीरीज हो, या फिर T20 सीरीज. क्रिकेट के तीनों ही फॉर्मेट में उन्होंने इस बड़ी कमाई को अपने नाम किया है. साउथ अफ्रीका पर विराट कोहली की ये कमाई जहां इतनी भारी पड़ी है कि इसके बोझ तले वो दबे दिखे हैं वहीं अब इस कमाई के बूते विराट ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया पर भी चढ़ाई की योजना बना ली है.

अफ्रीका को हराया, इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया को डराया !

दक्षिण अफ्रीका में विराट कोहली की ये सबसे बड़ी कमाई रही है भारतीय गेंदबाजी. जिसने ना सिर्फ टेस्ट सीरीज, बल्कि वनडे और T20 सीरीज में भी अपनी अलग पहचान कायम की है. टीम इंडिया बेशक साउथ अफ्रीका से टेस्ट सीरीज 2-1 से हार गई, लेकिन इस हार में भी विराट के लिए जीत ये रही कि विदेशी पिचों पर पहली बार भारतीय गेंदबाजी इतनी धारदार रही. साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 टेस्ट मैच की सीरीज में टीम इंडिया के गेंदबाजों ने पहली बार 60 विकेट लेने का कमाल तो किया ही साथ ही उनका औसत भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर उनके पहले के औसत से भी बेहतर रहा.

कप्तान कोहली का सपना होगा साकार

भुवनेश्वर कुमार, जिनका टेस्ट में भारत में गेंदबाजी औसत 30.27 का रहता है और भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर 26.00 का . लेकिन साउथ अफ्रीका में 20.30 की औसत से इन्होंने 10 विकेट चटकाए . टेस्ट क्रिकेट में ईशांत शर्मा का भारत में गेंदबाजी औसत 35.2 का रहता है जबकि विदेशों में 36.11 का , लेकिन साउथ अफ्रीका में खेली टेस्ट सीरीज के 2 मैचों में इन्होंने 18.75 की औसत से 8 विकेट झटके. साउथ अफ्रीका में खेली टेस्ट सीरीज में मोहम्मद शमी सबसे सफल भारतीय गेंदबाज रहे और 17.06 की औसत से 15 विकेट लिए. टेस्ट क्रिकेट में शमी का गेंदबाजी औसत भारत में 23.34 है जबकि भारत से बाहर 33.71 का रहा है. भारत से बाहर 40.97 की खराब औसत रखने वाले अश्विन ने भी साउथ अफ्रीका में 30.71 की औसत से 7 विकेट चटकाए. अश्विन का टेस्ट क्रिकेट में भारत में गेंदबाजी औसत 22.47 का रहा है. इनके अलावा साउथ अफ्रीका में टेस्ट डेब्यू करने वाले बूमराह ने 25.21 की औसत से 14 विकेट लिए .

When was the last time India played limited-overs cricket without Virat Kohli, MS Dhoni? | 32 महीने बाद टीम इंडिया का दिखेगा ये ‘अवतार’, ना धोनी , ना विराट, फिर भी जमेगी ठाठ !

When was the last time India played limited-overs cricket without Virat Kohli, MS Dhoni? | 32 महीने बाद टीम इंडिया का दिखेगा ये ‘अवतार’, ना धोनी , ना विराट, फिर भी जमेगी ठाठ !

वनडे में दमदार, T20 में शानदार

भारतीय गेंदबाजों की सफलता का ये सिलसिला टेस्ट सीरीज के बाद वनडे और T20 सीरीज में भी बरकरार दिखा. जहा कुलदीप और चहल की जोड़ी ने मिलकर अकेले 6 वनडे मैचों की सीरीज में 33 विकेट लिए. वहीं भारतीय तेज गेंदबाजों ने इस सीरीज में कुल 26 विकेट झटके. साउथ अफ्रीका की पिचें तेज गेंदबाजी की माकूल तो थी हीं लेकिन जिस तरह से वहां चहल और कुलदीप की स्पिन जोड़ी ने अपना जलवा बिखेरा उसे देखकर विराट कोहली जरूर गद-गद हुए होंगे. इस दमदार प्रदर्शन के जरिए चहल और कुलदीप ने बता दिया कि वो दुनिया की किसी भी पिच पर अपनी कलाई का जादू बिखेर सकते हैं.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ T20 सीरीज में भी भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन दमदार रहा. भारतीय गेंदबाजों ने T20 सीरीज के 3 मैचों में कुल 18 विकेट झटके जिसमें अकेले 7 विकेट भुवनेश्वर कुमार ने लिए. ये बाइलेट्रल T20 सीरीज में किसी भी भारतीय तेज गेंदबाज का सबसे शानदार प्रदर्शन है.

कप्तान विराट कोहली अक्सर ये कहते हैं कि मैच जितने के लिए हमें 20 विकेट लेने होंगे. साउथ अफ्रीका के दौरे पर भारतीय गेंदबाजों ने ना सिर्फ बार-बार 20 विकेट लिए बल्कि ऐसा करते हुए 12 में से 8 मैच जीतते हुए अब आने वाले दो बड़े विदेशी दौरों इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया पर चढ़ाई के संकेत भी दे दिए हैं.