नई दिल्ली, वनडे सीरीज में साउथ अफ्रीका घुटने टेक रहा है. उसके बल्लेबाजों का ब्रेन फेड हो रहा है. जिसकी बड़ी वजह है भारत की फिरकी. वनडे सीरीज के पहले 3 मुकाबलों में चहल और कुलदीप की जोड़ी ने 21 विकेट चटकाए हैं, जो कि साउथ अफ्रीका में किसी भी टीम की स्पिन गेंदबाजी का सबसे शानदार रिकॉर्ड है.Also Read - Dhanashree ने Karwa Chauth पर युजवेंद्र चहल के लिए लिखी खास पोस्ट, एश्वर्या के गाने पर डांस भी किया, देखें Video और Pics

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अगर सभी बाइलेट्रल वनडे सीरीज की बात करें तो उसमें भी साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों को नाच नचा रही कुलदीप और चहल की भारतीय स्पिन जोड़ी दूसरे नंबर पर है. इनसे आगे सिर्फ श्रीलंका के मुरलीधरण और अजंथा मेंडिस की जोड़ी है, जिन्होंने साल 2008 में जिम्बाब्वे में 8.22 की औसत से 27 विेकेट चटकाए थे. जबकि चहल और कुलदीप अब तक साउथ अफ्रीका में 10.48 की औसत से 21 विकेट ले चुके हैं. Also Read - IND vs PAK, T20 World Cup 2021: Jasprit Bumrah के पास 'गोल्डन चांस', इतिहास रचने की दहलीज पर

दक्षिण अफ्रीका की पिचें कभी भी स्पिन फ्रेंडली नहीं रही हैं. इसके बावजूद जिस तरह से चहल और कुलदीप की फिरकी अफ्रीकी बल्लेबाजों की खबर लेती दिख रही है वो काबिलेतारीफ है. साउथ अफ्रीका में खेले वनडे सीरीज में अब तक किसी भी टीम का औसत 20 से नीचे का नहीं रहा है. इससे पहले सबसे कम 22 की औसत का रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के नाम ही था, जिन्होंने 1995-96 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में 22 की औसत से 8 विकेट चटकाए थे.

अगर साउथ अफ्रीका में चहल और कुलदीप के कमाल की तुलना इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के पिचों पर बने रिकॉर्ड से करें तो भी वो बीस दिखते हैं. इनके बाद दूसरा बेस्ट औसत कैरेबियाई स्पिनरों का है. वेस्टइंडीज के स्पिनरों ने 1994-95 में न्यूजीलैंड में खेली सीरीज में 17.16 की औसत से 12 विकेट चटकाए थे. यहां तक कि चहल और कुलदीप के चटकाए 21 विकेट ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका में खेली बाइलेट्रल सीरीज में अब तक का दूसरा बेस्ट परफॉर्मेन्स है. इनसे बेहतर प्रदर्शन सिर्फ वेस्टइंडीज के स्पिनर्स के नाम हैं जिन्होंने 1998-99 में साउथ अफ्रीका में खेली 7 मैचों की वनडे सीरीज में 30.54 की औसत से 24 विकेट चटकाए थे.

विदेशी धरती पर खेले आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारतीय स्पिनरों के प्रदर्शन से भी अगर चहल और कुलदीप के साउथ अफ्रीका में किए अब तक के प्रदर्शन की तुलना करें तो इनकी फिरकी भारी पड़ती दिखती है. विदेशों में आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारतीय स्पिन का सबसे बेस्ट परफॉर्मेन्स साल 2013 के चैम्पियंस ट्रॉफी में देखने को मिला था. इंग्लैंड में खेले टूर्नामेंट में जडेजा और अश्विन की जोड़ी ने 19.50 की औसत से 5 मैचों में 20 विकेट चटकाए थे. जबकि, 10.47 की औसत से चहल और कुलदीप साउथ अफ्रीका में अब तक 21 विकेट ले चुके हैं.

'बर्फीली पिच' पर वीरू ने लगाई 'आग'!

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विदेशी धरती पर बाइलेट्रल वनडे सीरीज में मिडिल ओवर में विकेट चटकाने के मामले में भी चहल और कुलदीप की स्पिन जोड़ी नंबर वन है. चहल और कुलदीप मे साउथ अफ्रीका में मिडिल ओवर की गेंदबाजी में 10.15 की औसत से 20 विकेट लिए हैं. इसके बाद दूसरा बेस्ट रिकॉर्ड मिडिल ओवर में अफगानिस्तान के स्पिन गेंदबाजों का है , जिन्होंने पिछले साल 12.77 की औसत से जिम्बाब्वे में 18 विकेट अपने नाम किए थे.

चहल-कुलदीप के तौर पर विराट को मिले कलाई के ये दो फनकार कितने काबिल हैं , उसका अंदाजा आप इन आंकड़ों से भी लगा सकते हैं. जिस पिच पर अफ्रीकी स्पिन जोड़ी ने 82.33 की खराब औसत से सिर्फ 3 विकेट लिए हैं, उसी पिच पर कोहली की काबिल जोड़ी ने 10.47 की शानदार औसत से 21 विकेट हासिल किए हैं.

साउथ अफ्रीका के साथ वनडे सीरीज के 3 मैच खेले जाने अभी और बाकी हैं. यानी ये आंकड़े घट भी सकते हैं और बढ़ भी सकते हैं. लेकिन फिलहाल के लिए चहल और कुलदीप विदेशों में खेली वनडे सीरीज में सब पर भारी है.