नई दिल्ली. साउथैम्प्टन टेस्ट में इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 8 विकेट खोकर 260 रन बना लिए हैं और उसकी बढ़त 233 रन की हो चुकी है. मेजबान टीम की बढ़त का ये आंकड़ा चौथे टेस्ट में टीम इंडिया की हार की वजह बन सकता है. हम ऐसा क्यों कह रहे हैं उसे इन 5 आंकड़ों से समझिए. Also Read - IPL 2020 RCB vs CSK: चेन्नई सुपरकिंग्स को मिली 8 विकेट से जीत के 5 कारणों में रुतुराज गायकवाड़ रहे टॉप पर

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साल 2000 के बाद सिर्फ 1 बार ऐसा हुआ है कि भारत ने चौथी इनिंग में एशिया के बाहर खेले टेस्ट में 200 रन या उससे ज्यादा का आंकड़ा पार किया है. भारत ने साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले एडिलेड टेस्ट 6 विकेट खोकर 230 रन का टारगेट चेज किया था.

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अब तक सिर्फ 3 बार ऐसा हुआ है जब भारत ने एशिया के बाहर खेले टेस्ट में चौथी इनिंग में 200 रन या उससे ज्यादा का टारगेट चेज कर जीत दर्ज की है. भारत ने 1976 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में 403 रन का लक्ष्य हासिल किया, 1968 में ड्यूनेडिन में न्यूजीलैंड के खिलाफ 200 रन का टारगेट चेज किया जबकि तीसरी जीत साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड की रही.

173

भारत ने इंग्लैंड में चौथी पारी में सबसे बड़ा स्कोर 173 रन का चेज किया है. भारत ने ये सफलता अजीत वाडेकर की कप्तानी में 1971 में हासिल कर टेस्ट सीरीज भी जीती थी.

178

भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ साउथैम्प्टन में खेले आखिरी टेस्ट की चौथी पारी में 445 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 178 रन पर घूटने टेके थे. साल 2014 में खेले इस टेस्ट में मोइन अली ने 6 विकेट चटकाए थे और भारत को 266 रन की बड़ी हार मिली थी.

2012

ये वो आखिरी साल था जब भारत ने टेस्ट क्रिकेट में 200 रन या उससे ज्यादा का स्कोर चेज किया था. भारत ने बेंगलुरु में खेले टेस्ट में न्यूजीलैंड खे खिलाफ 261 रन का लक्ष्य हासिल किया था.