नई दिल्ली. वो कहते हैं न एक तीर से दो शिकार करना. ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में हार्दिक पांड्या ने भी कुछ ऐसा ही किया है. अपनी जादुई गेंदबाजी से उन्होंने इंग्लैंड को तार-तार तो किया ही है साथ ही वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग को करारा जवाब भी दे दिया है. ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में पांड्या ने सिर्फ 6 ओवर की गेंदबाजी की और 28 रन देकर इंग्लैंड के 5 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया. 10 टेस्ट मैच के करियर में 5 विकेट लेने का कमाल पांड्या ने पहली बार किया है. इससे पहले खेले 9 टेस्ट में उनके खाते में सिर्फ 10 विकेट दर्ज थे.

माइकल होल्डिंग ने उठाए थे सवाल

ट्रेंट ब्रिज टेस्ट से ठीक पहले माइकल होल्डिंग ने पांड्या को लेकर सवाल उठाए थे और ये कहा था कि वो फिलहाल टेस्ट ऑलराउंडर के तौर पर टीम में फिट नहीं बैठते.

होल्डिंग के उठाए इस सवाल को पांड्या ने इतना सीरियसली ले लिया कि उसका गुस्सा ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड पर फूट पड़ा. कप्तान विराट कोहली के पांड्या को गेंद थमाते ही शुरू हो गया बवंडर जिसने इंग्लैंड को देखते ही देखते तहस नहस करते हुए हार के मुंह में धकेल दिया. पांड्या ने जो रूट, जॉनी बेयरस्‍टो, क्रिस वोक्‍स, आदिल राशिद और स्‍टुअर्ट ब्रॉड को अपना शिकार बनाया.

INDvsENG: रिषभ पंत ने इंग्लैंड में किया कमाल, एशिया में बजा डंका

पांड्या के रिकॉर्डों की झड़ी

ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड को तबाह कर माइकल होल्डिंग को जवाब देते हुए कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए. हार्दिक पांड्या ने ट्रेंट ब्रिज टेस्‍ट में 29 गेंदों में पांच विकेट अपने नाम किए. टेस्ट क्रिकेट में भारत की तरफ से सबसे कम गेंदों पर पांच विकेट लेने के मामले में पांड्या सिर्फ दो गेंदों से हरभजन सिंह से पीछे रह गए. उन्‍होंने साल 2006 में किंग्सटन में वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 गेंदों पर 5 विकेट लिए थे. ट्रेंट ब्रिज में सबसे कम 19 गेंदों पर 5 विकेट लेने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के स्‍टुअर्ट ब्रॉड के नाम हैं जो उन्होंने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ साल 2015 में लिए थे.

ट्रेंट ब्रिज में हार्दिक भारत की तरफ से एक पारी में 5 विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज भी बन गए हैं. उनसे पहले साल 2007 में जहीर और 2014 में भुवनेश्वर ऐसा कर चुके हैं. हार्दिक टेस्‍ट क्रिकेट में शतक लगाने के अलावा पांच विकेट लेने का कारनामा सबसे तेजी से करने के मामले कपिल देव और सलीम दुर्रानी के साथ संयुक्‍त रूप से चौथे खिलाड़ी बन गए हैं. यह रिकॉर्ड आर अश्विन के नाम है जिन्‍होंने ऐसा तीन मैचों में किया. जबकि लाला अमरनाथ ने चार, वीनू मांकड़ ने छह और दत्‍तू फडकर ने सात मैचों में ऐसा किया था.