नई दिल्ली. आमतौर पर गलती को सुधार कर उसे ठीक किया जा सकता है. लेकिन, इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में विराट कोहली ने जो गलती की है उसे ठीक नहीं किया जा सकता. दरअसल, इसकी गुजाइश भी नहीं है और वो इसलिए क्योंकि ये गलती उन्होंने टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन को चुनने को लेकर की है. और, क्रिकेट मैच में एक बार जो प्लेइंग इलेवन आपने चुन ली फिर उसे आप बदल नहीं सकते.

गड़बड़ हो गई, गलती हो गई!

लॉर्ड्स का मौसम और मिजाज सब तेज गेंदबाजी के अनुकूल था. लेकिन इसके बावजूद भारतीय टीम के कप्तान कोहली ने टीम मैनेजमेंट के साथ मिलकर प्लेइंग इलेवन में दो स्पिनर को जगह दी. उन्होंने आखिरी ग्यारह में उमेश यादव को ड्रॉप कर कुलदीप यादव को खिलाया. लेकिन, जब इंग्लैंड पर वार करने की बारी आई तो अपना ये दांव कामयाब न होता देख विराट को अपनी गलती का एहसास हो रहा है.

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कुलदीप के खिलाने का खामियाजा

लॉर्ड्स टेस्ट में कुलदीप की उपयोगिता न के बराबर है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीसरे दिन के खेल में उन्होंने 10 ओवर भी नहीं फेंके. तीसरे दिन कुलदीप ने केवल 9 ओवर फेंके और बिना विकेट लिए 44 रन खर्च किए. वहीं, उमेश के न खेलने से टीम को तीसरे तेज गेंदबाज की कमी बुरी तरह खल रही है. इससे सारा बोझ मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा के कंधों पर आ टिका है, जिससे उनका वर्कलोड बढ़ गया है.

गावस्कर और वॉन ने उठाए फैसले पर सवाल

भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने लॉर्ड्स टेस्ट में उमेश के न खिलाने के फैसले को विराट कोहली की बड़ी भूल बताया है. वहीं इंग्लैंड के कप्तान माइकल वॉन ने भी इसे भारतीय थिंक टैंक की स्ट्रेटजी का फेल होना बताया है.

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हार के तौर पर मिलेगी सजा!

अब सवाल है कि क्या विराट को इसकी सजा मिलेगी या फिर वो इससे बचने का प्रयास करेंगे. दरअसल, यहां सजा का मतलब टीम इंडिया की हार से है. मैच में उमेश की गैरमौजूदगी का खामियाजा तो विराट एंड कंपनी भुगत ही रही है. लेकिन, अब उनपर पारी से हार का खतरा भी मंडराता नजर आ रहा है. अगर टीम इंडिया को पारी से हार मिलती है तो ये उसके लिए कप्तान की की गई बड़ी गलती की सजा की तरह होगी. हार के तौर पर मिलने वाली इस सजा से टीम इंडिया सीरीज में 0-2 से तो पिछड़ेगी ही साथ ही उसके लिए वापसी कर पाना नाको चने चबाने जैसा हो जाएगा.