नई दिल्ली. इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को ICC ने आड़े हाथों लेते हुए सजा सुनाई है. ब्रॉड के ये सजा ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के दूसरे दिन मैदान पर उनकी हरकत के लिए सुनाई गई. दरअसल, दूसरे दिन के खेल के दौरान ब्रॉड विराट कोहली के यंगमैन यानी कि रिषभ पंत से बेवजह भिड़ गए. पंत ने उन्हें पलटकर तो कुछ नहीं कहा लेकिन जेन्टलमैन गेम पर सवालिया निशान खड़े करने वाली ब्रॉड की गलती के लिए क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने उन्हें नहीं बख्शा है.

स्टुअर्ट ब्रॉड को सजा

ICC ने ब्रॉड की हरकत को क्रिकेट की आचार संहिता के नियम 2.1.7 का उल्लंघन पाया. इस उल्लंघन के तहत ब्रॉड को लेवल 1 का दोषी पाया गया, जिसके लिए उन पर मैच फीस का 15 फीसदी जुर्माना और 1 डिमेरिट अंक का चार्ज लगाया. सितंबर 2016 के बाद ये पहली बार है जब ब्रॉड के नाम पर डिमेरिट अंक चढ़ा है.

क्या कहता है नियम?

ICC के नियम 2.1.7 के तहत इंटरनेशनल मैचों में एक खिलाड़ी का दूसरे खिलाड़ियों के साथ व्यवहार, उसके अपने सपोर्ट स्टाफ के साथ संबंधों, उसकी भाषा और उसके आचरण जैसे मामलों को लेकर सजा सुनाई जाती है.

मैच में हुआ क्या?

ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के दूसरे दिन रिषभ पंत को 24 रन के स्कोर पर आउट करने के बाद स्टुअर्ट ब्रॉड बेकाबू हो गए और विकेट लेने के जोश में पंत के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. ब्रॉड की इस आक्रामक रवैये की शिकायत फील्ड अंपायर एरासमस और क्रिस गैफ्ने ने थर्ड अंपायर अलीम डार के साथ मिलकर मैच रेफरी जेफ क्रो से की. जब जेफ क्रो ने ब्रॉड की इस हरकत के लिए उन्हें तलब किया तो इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ने अपनी गलती मान ली, जिसके बाद उन्हें सजा सुनाई गई.