नई दिल्ली. बर्मिंघम में बेहाल दिखने वाले भारतीय बल्लेबाजों की तस्वीर लॉर्ड्स में और भी लुटी-पूटी दिखी, जहां वो 90 से भी कम ओवरों में दो बार पवेलियन लौट गए. टीम इंडिया की बल्लेबाजी की इस दुर्दशा से पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर खफा है और इसका अंदाजा उनके ताजा बयान से लगाया जा सकता है. भारतीय बल्लेबाजी की नाकामी पर सुनील गावस्कर ने कहा है, ” विराट पूरी तरह फिट नहीं हैं. लेकिन नॉटिंघम में वो आधे भी फिट रहते हैं तो भी बाकी के भारतीय बल्लेबाजों के मुकाबले अच्छा खेलेंगे. ” बयान से साफ है कि गावस्कर के गुस्से की जद में कोहली को छोड़कर दूसरे सभी भारतीय बल्लेबाज हैं. Also Read - 'चेज मास्टर' विराट कोहली का मुरीद हुआ ये ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज, बताई वजह

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गावस्कर का भरोसा क्यों टूटा?

गावस्कर के गुस्से की वजह क्या है अब उसे जरा इन आंकड़ों से समझिए. टेस्ट सीरीज के पहले 2 मैचों की 4 पारियों में विराट कोहली ने 240 रन बनाए हैं और वो भारत के ही नहीं सीरीज के भी टॉप स्कोरर हैं. विराट के बाद 4 पारियों में 90 रन के साथ पांड्या भारत के दूसरे टॉप स्कोरर हैं जबकि इतनी ही पारियों में 85 रन बनाकर अश्विन तीसरे नंबर पर हैं. हैरानी की बात ये है कि टॉप 3 स्कोरर में विराट को छोड़कर टॉप ऑर्डर का एक भी बल्लेबाज नहीं है यानी न धवन, न विजय, न पुजारा, न राहुल और न रहाणे. ये तो वही बात हो गई ऊंची दुकान और फीकी पकवान.

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दिनेश कार्तिक की जगह पंत को मौका!

बहरहाल, भारतीय बल्लेबाजों पर बरसने वाले गावस्कर ने नॉटिंघम में टीम में बदलाव की भी मांग की है. उन्होंने अगले टेस्ट में पंत और नायर को खिलाए जाने की वकालत की है. टीम में पंत को जगह यानी दिनेश कार्तिक को गुडबाय कहना. नॉटिंघम टेस्ट में गावस्कर ऐसा क्यों चाहते हैं अब उसे जरा पहले 2 टेस्ट में कार्तिक के आंकड़े से समझिए. दिनेश कार्तिक ने पहले 2 टेस्ट की 4 पारियों में सिर्फ 21 रन बनाए हैं और उनसे कम रन टीम में सिर्फ शमी, कुलदीप और उमेश ने बनाए हैं. जबकि पंत ने इंग्लैंड में खेली पिछली 9 पारियों में 5 अर्धशतक ठोके हैं. साफ है कि अब जब अनुभव कुछ नहीं कर पा रहा तो युवा जोश को तरजीह देनी ही होगी और नॉटिंघम टेस्ट में ऐसा होता दिख सकता है.