नई दिल्ली. नॉटिंघम जीतने के बाद टीम इंडिया का अगला निशाना साउथैम्प्टन है. नॉटिंघम की जीत से भारत ने सीरीज में जो वापसी की है उस उम्मीद को बरकरार रखने के लिए विराट एंड कंपनी का साउथैम्प्टन जीतना जरूरी है. भारतीय टीम अगर साउथैम्प्टन के रोज बाउल मैदान पर जीत का पताका फहराती है तो इससे वो सीरीज में इंग्लैंड की बराबरी करने में कामयाब हो सकेंगे. हालांकि, ये काम इतना आसान नहीं है और इसकी वजह है साउथैम्प्टन में टीम इंडिया का खराब रिकॉर्ड.

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साउथैम्प्टन का इतिहास

भारत ने साउथैम्प्टन के रोज बाउल मैदान पर 1 टेस्ट खेला है, जिसमें उसे 266 रन की बड़ी हार का सामना करना पड़ा है. भारतीय टीम को साउथैम्प्टन में ये हार 2014 के इंग्लैंड दौरे पर मिली थी. यानी, टीम इंडिया को सीरीज में इंग्लैंड की बराबरी करनी है तो उसे पहले 4 साल पुराना हिसाब बराबर करना होगा.

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प्रैक्टिस में साउथैम्प्टन जीतने की ललक

साउथैम्प्टन में इंग्लैंड को हराने की ललक टीम इंडिया की प्रैक्टिस में साफ देखी जा सकती है. BCCI ने साउथैम्प्टन में भारतीय खिलाड़ियों की पहली प्रैक्टिस का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें बल्लेबाजी और गेंदबाजी का जोरदार अभ्यास देखा जा सकता है.

इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट से पहले टीम इंडिया के अभ्यास का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें पृथ्वी शॉ को कट शॉट खेलने की प्रैक्टिस करते देखा जा सकता है.

साउथैम्प्टन टेस्ट में शॉ को विराट प्लेइंग XI में मौका देंगे या नहीं ये तो बाद की बात है लेकिन इनके अभ्यास में सीरियसनेस की कोई कमी नहीं है. इन सब अभ्यास के पीछे भारतीय टीम का मकसद एक ही है साउथैम्प्टन का इतिहास बदलकर जीत की बुनियाद रखना.