मैनचेस्टर. महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल में महेंद्र सिंह धोनी और रविंद्र जडेजा के जुझारूपन की सराहना की लेकिन साथ ही कहा कि भारतीय बल्लेबाजी नतीजे के लिए हमेशा अपने शीर्ष क्रम पर निर्भर नहीं रह सकती. निराश दिख रहे तेंदुलकर ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों ने 240 रन के लक्ष्य को काफी बड़ा बना दिया. न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 रन की हार के साथ भारत विश्व कप से बाहर हो गया. तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं निराश हूं क्योंकि हमें बिना किसी संदेह के 240 रन का लक्ष्य हासिल करना चाहिए था. यह बड़ा स्कोर नहीं था. हां, न्यूजीलैंड ने शुरुआत में ही तीन विकेट चटकाकर स्वप्निल शुरुआत की.’’

इस पूर्व बल्लेबाज ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में कहा, ‘‘लेकिन मुझे लगता है कि हमें अच्छी शुरुआत के लिए हमेशा रोहित शर्मा या ठोस आधार तैयार करने के लिए विराट कोहली पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. उनके साथ खेल रहे खिलाड़ियों को भी अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी.’’ भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को आठ विकेट पर 239 रन पर रोक दिया था जिसके बाद टूर्नामेंट में पहली बार भारत का प्रतिष्ठित शीर्ष क्रम नाकाम रहा और विराट कोहली की टीम 49 .3 ओवर में 221 रन पर आउट हो गई. भारतीय टीम एक समय 92 रन पर छह विकेट गंवाने के बाद करारी हार की ओर बढ़ रही थी लेकिन धोनी (50) और जडेजा (77) ने सातवें विकेट के लिए 116 रन जोड़कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा.

सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘‘यह सही नहीं है कि हर बार धोनी से मैच को फिनिश करने की उम्मीद की जाए. वह बार-बार ऐसा करता आया है.’’ हालांकि सचिन ने बाद में ट्वीट करते हुए न्यूजीलैंड को जीत की शुभकामना दी और भारतीय खिलाड़ियों के खेल को सराहा. सचिन ने धोनी और जडेजा की जमकर तारीफ भी की. इधर, भारत के मध्यक्रम के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि धोनी और जडेजा भले ही मैच को खत्म नहीं कर पाए लेकिन वे शानदार थे. लक्ष्मण ने ट्वीट किया, ‘‘केन विलियमसन और न्यूजीलैंड को लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल में जगह बनाने की बधाई. रविंद्र जडेजा ने धोनी के साथ मिलकर शानदार संघर्ष किया और भारत को इतना करीब ले गए लेकिन न्यूजीलैंड ने नई गेंद से बेहतरीन गेंदबाजी की और यह निर्णायक रहा.’’

 

क्या महेंद्र सिंह धोनी होते कप्तान तो कुछ और होता सेमीफाइनल का नतीजा?

पूर्व भारतीय आफ स्पिनर हरभजन सिंह ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘दिल टूट गया. न्यूजीलैंड को बधाई. बेहतरीन प्रदर्शन किया जडेजा.’’ सुरेश रैना का मानना है कि विश्व कप से बाहर होने के बावजूद भारत ने टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से लाखों दिल जीते. रैना ने ट्वीट किया, ‘‘लड़कों भाग्य ने साथ नहीं दिया. अच्छा खेले. टूर्नामेंट के दौरान अपने प्रदर्शन से आपने दिल जीते. न्यूजीलैंड को बधाई.’’ क्रिकेटर से कमेंटेटर बने संजय मांजरेकर ने लिखा, ‘‘मेरी नजरों में भारत चैंपियन टीम से कम नहीं. सात मैच जीते दो हारे. अंतिम मैच काफी करीबी रहा. अच्छा काम किया भारत.’’

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने विलियमसन की कप्तानी की तारीफ की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘बधाई हो, शानदार जीत. केन विलियमसन की शानदार कप्तानी. टीम इंडिया दुर्भाग्यशाली रही.’’ पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने ट्वीट किया, ‘‘मैनचेस्टर में हैरान करने वाला नतीजा. मैंने इंग्लैंड-भारत फाइनल की भविष्यवाणी की थी लेकिन न्यूजीलैंड ने शानदार प्रदर्शन किया, भारत के इस बल्लेबाजी क्रम को इतने कम स्कोर पर रोकना अविश्वसनीय प्रयास है. जडेजा के लिए शानदार मैच, भारत दुर्भाग्यशाली रहा.’