नार्थ साउंड (एंटीगा): अजिंक्य रहाणे ने अपने करियर का दसवां शतक बनाया जबकि हनुमा विहारी केवल सात रन से शतक से चूक गये लेकिन इन दोनों की शानदार पारियों से भारत ने वेस्टइंडीज के सामने पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में रविवार को यहां 419 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा. भारत ने चौथे दिन लंच के एक घंटे बाद अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 343 रन बनाकर समाप्त घोषित की. रहाणे ने 102 रन बनाये जो उनका पिछले एक साल में पहला शतक है. विहारी 93 रन बनाकर आउट हुए. इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिये 135 रन की साझेदारी की. विहारी के आउट होते ही कोहली ने पारी समाप्त घोषित कर दी. भारत ने पहली पारी में 297 रन बनाकर वेस्टइंडीज को 222 रन पर आउट कर दिया था.

भारत ने सुबह शुरू में ही विराट कोहली का विकेट गंवा दिया था लेकिन इसके बाद रहाणे और विहारी ने शानदार बल्लेबाजी की. रहाणे ने अपनी शतकीय पारी में 242 गेंदें खेली तथा पांच चौके लगाये. उन्होंने शैनोन गैब्रियल की गेंद पर कवर पर जैसन होल्डर को कैच दिया. कोहली ने तब पारी समाप्त घोषित नहीं की, क्योंकि विहारी 80 रन पर खेल रहे थे. रहाणे की जगह लेने के लिये उतरे ऋषभ पंत (सात) फिर से नाकाम रहे और स्लॉग स्वीप करके डीप स्क्वायर लेग पर कैच दे बैठे. होल्डर के अगले ओवर में विहारी ‘नर्वस नाइंटीज’ के शिकार बन गये. गेंद उनके बल्ले का हल्का किनारा लेकर विकेटकीपर शाई होप के दस्तानों में पहुंची. विहारी निराश थे लेकिन उन्होंने एक बेहतरीन पारी खेली. यह उनके करियर का सर्वोच्च स्कोर है जिसके लिये उन्होंने 128 गेंदें खेली तथा दस चौके और एक छक्का लगाया. रविंद्र जडेजा एक रन बनाकर नाबाद रहे.


इससे पहले भारत ने पहले सत्र में केवल कोहली का विकेट गंवाया और इस बीच 102 रन जोड़े. वेस्टइंडीज की तरफ से आफ स्पिनर रोस्टन चेज ने 132 रन देकर चार विकेट लिये हैं. भारत ने चौथे दिन तीन विकेट पर 185 रन से आगे खेलना शुरू किया. अभी इस स्कोर दो रन जुड़े थे कि दिन के दूसरे ओवर में कोहली पवेलियन लौट गये. होल्डर ने दूसरे छोर से गेंद चेज को सौंपी जिनकी गेंद कोहली के बल्ले का किनारा लेकर शार्ट कवर पर जॉन कैंपबेल के पास गयी. उन्होंने दूसरे प्रयास में इसे कैच कर दिया.


कोहली अपने कल के स्कोर 51 रन में कोई इजाफा नहीं कर पाये. इस तरह से रहाणे और कोहली के बीच चौथे विकेट के लिये 106 रन की साझेदारी का भी अंत हुआ. भारत हालांकि तब तक अच्छी स्थिति में पहुंच चुका था और विहारी ने भी रहाणे को कोहली की कमी नहीं खलने दी. इन दोनों ने सहजता से रन बटोरे और कैरेबियाई गेंदबाजों को हावी नहीं होने दिया. रहाणे ने अपनी लय बरकरार रखी लेकिन वह विहारी थे जिन्होंने रन प्रवाह तेज किया. विहारी ने होल्डर की गेंद को लांग आफ पर चार रन के लिये भेजकर अपना दूसरा टेस्ट अर्धशतक पूरा किया. इसमें पांच चौके शामिल थे.