नई दिल्ली. चाहे कप्तानी ले लीजिए या बल्लेबाजी… रोहित हिटमैन शर्मा का जवाब नहीं. एशिया कप इसका सबसे ताजा उदाहरण है. रोहित शर्मा पहली बार एशिया कप में कप्तान बनकर उतरे थे और उन्होंने टीम को चैम्पियन बना दिया. कमाल की बात ये दिखी कि टीम इंडिया के चैम्पियन बनने की स्क्रिप्ट भी तकरीबन हर मैच में टीम को सही शुरुआत दिलाकर वही लिखते दिखे. रोहित ने एशिया कप के 5 मुकाबलों में 105.67 की औसत से 317 रन बनाए जिसमें 1 शतक और 2 अर्धशतक शामिल रहे.

रोहित को लेकर मचा बवाल

इस धमाकेदार प्रदर्शन के बाद इस बात की उम्मीद थी कि रोहित को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट टीम में जगह मिलेगी. पर ऐसा नहीं हो सका. नतीजा ये हुआ कि सलेक्टर्स के रवैये को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया. हरभजन सिंह ने भारतीय सलेक्टर्स की सोच पर सवाल उठाए तो रोहित के फैंस ने उन्हें शर्म करने और क्रिकेट को राजनीति से दूर रखने की सलाह दे दी.

इससे पहले भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी रोहित के टेस्ट टीम में जगह न मिलने को लेकर हैरानी जता चुके हैं.

साल 2013 में रोहित ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही टेस्ट डेब्यू किया था और शानदार सैकड़ा जमाया था. तब से लेकर अब तक वो भारत के लिए 25 टेस्ट खेल चुके हैं जिसमें 39.97 की औसत से 1,479 रन बना चुके हैं. रोहित ने आखिरी टेस्ट इस साल जनवरी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था.