नई दिल्ली. साल 2013. जगह मुंबई. मैदान वानखेड़े. 5 साल पहले खचाखच भरे इस स्टेडियम में भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेला था. अपने विदाई टेस्ट की पहली पारी में सचिन, कैरेबियाई गेंदबाजों का सामना करते हुए शतक के करीब तक पहुंचे थे और 94 रन बनाए थे.

सचिन ने छोड़ा, पृथ्वी ने लपका!

5 साल बाद जगह, मैदान और किरदार बदल चुका है. लेकिन विरोधी वही है. वेस्टइंडीज के सामने एक बार फिर से एक मुंबईकर खड़ा है. ये सचिन तो नहीं लेकिन उनके जैसा बनने की ओर है. ये महान तो नहीं लेकिन उस ओर अग्रसर होने के संकेत दे चुका है. क्रिकेट पंडितों को इसमें सचिन और सहवाग दोनों का अक्स नजर आ रहा है तो इसकी वजह भी है.

आखिरी टेस्ट में सचिन चूके, पृथ्वी ने भुनाया मौका

वेस्टइंडीज की टीम 5 साल बाद भारत में टेस्ट मैच खेल रही है. 5 साल पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने आखिरी टेस्ट में सचिन जो करने से चूक गए थे, वो कमाल पृथ्वी शॉ ने अपने डेब्यू टेस्ट में कर दिखाया है. 18 साल और 329 दिन के बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने 99 गेंद पर अपने डेब्यू टेस्ट में शतक जड़ा. इस नजारे को देखकर ऐसा लगा जैसे भारतीय क्रिकेट में नए सचिन का जन्म हुआ. पृथ्वी ने बता दिया कि उनकी तुलना सचिन और सहवाग से बेमानी नहीं है.

डेब्यू पर शतक जड़ने वाले सबसे युवा भारतीय 

पृथ्वी शॉ डेब्यू टेस्ट में शतक जड़ने वाले भारत के सबसे कम उम्र के बल्लेबाज हैं. वो भारत की ओर से टेस्ट डेब्यू पर सबसे तेज शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज हैं.