आईसीसी वनडे विश्व कप 2011 में भारत को खिताबी जीत दिलाकर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह (Yuvraj Singh) मैदान के अंदर ही नहीं बल्कि बाहर भी नायक हैं। कैंसर जैसी घातक बीमारी को हराकर एक बार फिर क्रिकेट के मैदान पर लौटने के बाद युवराज ने भारत के लिए दो और आईसीसी टूर्नामेंट (टी20 विश्व कप 2014 और चैंपियंस ट्रॉफी 2017) खेले। और अब इसी दिग्गज से प्रेरणा लेकर भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप में खेलना चाहते हैं।

अश्विन का कहना है कि अगर युवराज टी20 विश्व कप 2014 और चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में वापसी कर सकते हैं तो वो भी ऐसा कर सकते हैं। अश्विन ने अंग्रेजी अखबार मुंबई मिरर से कहा, “मैं हर दिन खेलना पसंद करता हूं, लेकिन अपने करियर में मुझे ऐसा लगने लगा था कि मुझे खेलने में मजा नहीं आ रहा है और इसका कारण सीमित ओवरों की टीम से बाहर होना और चोटें थीं।”

उन्होंने कहा, “ये ऐसी चीज है जिसका मैं लुत्फ नहीं उठाता। हालांकि मैं इस भावना से बाहर निकला। इसमें लोगों ने मेरी मदद की और मैं इससे बाहर निकल सका। टी20 विश्व कप टीम में शामिल होना हर किसी का सपना है। इस टूर्नामेंट में कौन सा खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करना नहीं चाहता। युवराज ने टी20 विश्व कप 2014 और चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में वापसी की थी, मैं अभी सिर्फ 33 साल का हूं।”

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अश्विन साल 2017 में वेस्टइंडीज दौरे पर खेले गए मैच के बाद से ही टी20 टीम से बाहर हैं। रिस्ट स्पिनर्स की जोड़ी- कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav), युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने अश्विन और उनके साथी गेंदबाज रवींद्र जडेजा(Ravindra Jadeja)  की जगह पर कब्जा कर रखा है। हालांकि एशिया कप के दौरान मिले मौके का पूरा फायदा उठाकर जडेजा ने एक बार फिर अपने आप को सीमित ओवर फॉर्मेट टीम का स्थाई सदस्य बना लिया है। हालांकि अश्विन को ऐसा मौका नहीं मिल पाया है लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है।