टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) आईपीएल टीम के कप्तान गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) को लगता है कि टी20 में बल्लेबाजी कोच बनने के लिए अनुभव की जरूरत नहीं होती है। केकेआर को दो आईपीएल खिताब जिता चुके गंभीर का कहना है कि कोच का काम खिलाड़ियों को सकारात्मक मानसिकता के साथ खेलने में मदद करना है ।Also Read - IMF ने 2022 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान 9 प्रतिशत किया, चीन 4.8%, यूएस 4% फीसदी पर रहेंगे

गंभीर ने ये भी कहा कि टी20 क्रिकेट के लिए अलग से बल्लेबाजी कोच कजरूरत नहीं है। स्टार स्पोटर्स के शो ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ में उन्होंने कहा, ‘‘एक खास फॉर्मेट के लिए अलग से टी20 बल्लेबाजी कोच रख सकते हैं। ये सही नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेले या पर्याप्त क्रिकेट नहीं खेले व्यक्ति सफल टी20 बल्लेबाजी कोच नहीं बन सकते।’’ Also Read - आजादी के 75 साल में पहली बार पाकिस्‍तान से तीर्थयात्र‍ी PIA की स्‍पेशल फ्लाइट से पहुंचेंगे भारत

उन्होंने कहा, ‘‘टी20 फॉर्मेट में एक कोच का काम आपको सकारात्मक मानसिकता देना है ताकि आप स्वाभाविक खेल दिखा सको। वो आपको ये नहीं सिखाएगा कि लैप शॉट कैसे खेलना है या रिवर्स लैप कैसे लगाना है। दुनिया का कोई कोच ये नहीं कर सकता।’’ Also Read - 'फोन उठाओ और एक दूसरे से बात करो': कपिल देव ने विराट कोहली-सौरव गांगुली को देश के बारे में सोचने की सलाह दी

गंभीर ने हालांकि ये कहा कि सफल खिलाड़ी होने से बेहतर चयनकर्ता बनने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा, ‘‘सफल कोच बनने के लिए बहुत क्रिकेट खेला होना जरूरी नहीं है लेकिन चयनकर्ता बनने के लिए ये जरूरी है।’’