वर्ल्ड कप 2003 में सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) की पाकिस्तान के खिलाफ वह खास पारी आज भी फैन्स के जेहन में ताजा है. सचिन तेंदुलकर ने उस मैच में 75 गेंदों में 98 रन की पारी तेजतर्रार पारी खेलकर भारत को जीत दिलाने में अहम रोल निभाया था. हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक (Inzamam Ul Haq) ने सचिन की इस पारी को याद किया. उन्होंने कहा कि इससे पहले उन्होंने कभी भी सचिन को इस अंदाज में खेलते नहीं देखा था. Also Read - India vs Australia 2020-21: Sachin Tendulkar और MS Dhoni के इस रिकॉर्ड की बराबरी करना चाहेंगे Virat Kohli

इंजमाम रविचंद्रन अश्विन के यू-ट्यूब चैनल डीआरएस विद एश (DRS With Ash) पर बात कर रहे थे. इस मौके पर उन्होंने अश्विन के साथ सचिन की इस खास पारी को भी याद किया. 2003 वर्ल्ड कप में भारत सेंचुरियन में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था, जहां पाकिस्तान ने उसे 274 रन का टारगेट दिया था. Also Read - Kapil Dev ODI-XI : धोनी करेंगे कप्‍तानी, सचिन-सहवाग पर ओपनिंग की जिम्‍मेदारी, ये बड़े नाम नदारद

मास्टर ब्लास्टर ने उस मैच में तब के विश्व विख्यात पेस अटैक के खिलाफ ताबड़तोड़ 98 रन ठोककर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी थी. पाकिस्तान की ओर से तब वसीम अकरम, वकार यूनिस और शोएब अख्तर जैसे दिग्गज तेज गेंदबाज शामिल थे. सचिन ने इस मैच में 12 चौके और 1 छक्का जड़ा था. Also Read - IPL में बैटिंग सलाहकार की भूमिका निभाना चाहते हैं विनोद कांबली, कहा-युवाओं का कर सकता हूं मार्गदर्शन

इंजमाम से इस मैच पर चर्चा करते हुए अश्विन ने ही सवाल किया था. उन्होंने पूछा कि क्या मैच के हाफ टाइम में उन्हें (पाकिस्तान) को लगा था कि यह सही टोटल है और वह भारत के खिलाफ इसे बचा लेंगे.

इंजमाम ने कहा, ‘हमारी बॉलिंग लाइनअप में वसीम अकरम, वकार यूनिस और शोएब अख्तर थे. और कंडीशंस भी फास्ट बॉलरों के लिए मददगार थीं. यह मैच सेंचुरियन में खेला जा रहा था. हमें यही लगा था कि हमने बहुत अच्छा स्कोर खड़ा कर दिया है.’

इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘मैंने सचिन को खेलते हुए खूब देखा है लेकिन जैसी बैटिंग उन्होंने उस मैच में की थी, मैंने इससे पहले कभी उन्हें ऐसा खेलते नहीं देखा था. उन परिस्तिथियों में उन्होंने जिस ढंग से हमारे फास्ट बॉलरों के खिलाफ बैटिंग की वह शानदार था. शायद शोएब अख्तर की गेंद पर आउट होने से पहले उन्होंने 98 रन बनाए थे.’

50 वर्षीय इंजमाम ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह सचिन की सर्वश्रेष्ठ पारी थी. उन्होंने दुनिया के बेहतरीन फास्ट बॉलरों के खिलाफ वह पारी खेलकर अपने बाद आने वाले बल्लेबाजों से सारा दबाव हटा दिया था. अगर सचिन से उस पारी के बारे में बात करे, तो वह भी निश्चिततौर पर इसे अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी में गिनेंगे.’