शुक्रवार को टोक्यो में होने वाले ओलंपिक(Tokyo Olympics) खेलों को रद्द करने के लिए 3,51,000 के हस्ताक्षर वाली याचिका दायर होने के बाद जनता के सार्वजनिक विरोध के बावजूद, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने बयान दिया है कि इस मेगा इवेंट की सफलता से लोगों की राय बदल जाएगी। Also Read - French Open के बाद बर्लिन ओपन से हटीं नाओमी ओसाका; विंबलडन को लेकर अभी फैसला नहीं

इस ऑनलाइन याचिका के मुताबिक सरकार को ओलंपिक खेलों के आयोजन के बजाय लोगों की जिंदगी बचाए जाने को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस याचिका को टोक्यो के गवर्नर पद के दावेदार केंजी उंटुनोमिया ने इस महीने की शुरुआत में लॉन्च किया था। Also Read - कोरोना पॉजिटिव मिल्खा सिंह की हालत स्थिर और बेहतर; अस्पताल ने बयान जारी कर अफवाहों को किया खारिज

आईओसी के प्रवक्ता मार्क एडम्स ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, हम सुनते हैं, लेकिन इसे जनता की राय के अनुसार निर्देशित नहीं किया जाएगा। मुझे पूरा विश्वास है कि हम खेलों के पक्ष में जनता की राय को बदलते देखेंगे। Also Read - डिप्रेशन के कारण फ्रेंच ओपन से हटीं नाओमी ओसाका, टेनिस वर्ल्ड ने दी यह प्रतिक्रिया

ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले जापान में महामारी की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने के लिए आईओसी के कार्यकारी बोर्ड (ईबी) ने बुधवार को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की।

टोक्यो ओलंपिक आयोजन समिति के अध्यक्ष सेइको हाशिमोतो ने कहा कि आईओसी ने टोक्यो के काम के लिए समर्थन दिया है और साथ ही प्रशंसा भी की है।

ओलिंपिक को महज दो महीने से ज्यादा का समय बचा है, ऐसे में आयोजन समिति को जनता के दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

जापान में महामारी की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। जापान में नवीनतम सार्वजनिक सर्वेक्षण से पता चलता है कि 59 प्रतिशत तक जापानी टोक्यो ओलंपिक को रद्द करने के पक्ष में हैं।