भारतीय ओलंपिक संघ (IOA)) ने सोमवार को कहा है कि उसके लिए खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे पहले है और इनके साथ वो किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेगा। आईओए का ये बयान कनाडा द्वारा कोरोनावायरस के कारण ओलंपिक से नाम वापस लेने के बाद आया है। Also Read - MP: जबलपुर में 5 कोविड मरीजों की मौत, परिजन का आरोप oxygen की कमी जानें गईंं

आईओए के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने कहा, “मैं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण, राष्ट्रीय खेल महासंघों और सभी हितधारकों से टोक्यो ओलंपिक -2020 (Tokyo Olympic 2020) को लेकर निजी तौर पर संपर्क में हूं। Also Read - Covid 19 Doctor Crying Video Viral: रोते हुए डॉक्टर ने लोगों से कहा, मत समझो खुद को सुपरमैन, लोग मर रहे, हम लाचार...

बत्रा ने कहा, “सभी ओलंपिक खेल अंतर्राष्ट्रीय महासंघों ने 17 मार्च को आईओसी अध्यक्ष से वीडियो कॉल की थी। वहीं सभी 206 एनओसी ने भी 19 मार्च को वीडियो कॉल पर आईओसी अध्यक्ष से बात की थी। सभी एनओसी इस सप्ताह के अंत में उनकी तैयारी और उनके देशों में खिलाड़ियों के स्वास्थ को लेकर आईओसी से बात करेंगी।” Also Read - Virar Hospital Fire: मृतकों के परिवार को पांच लाख रुपये देने की घोषणा

बत्रा ने कहा, “आईओए और खेल मंत्रालय के लिए खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे पहले है और इस संबंध में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इस समय पुरुष और महिला हॉकी खिलाड़ी तथा भारोत्तोलन खिलाड़ी कैम्प में ट्रेनिंग कर रहे हैं जबकि बाकी अन्य खिलाड़ी घर लौट चुके हैं।”

इसी साल टोक्यो ओलंपिक -2020 का आयोजन होना है, लेकिन इस समय फैली खतरनाक बीमारी कोरोनावायरस के कारण इन खेलों पर काले बादल मंडरा रहे हैं। कनाडा ने साफ तौर पर कहा है कि अगर ओलंपिक खेल एक साल तक के लिए स्थगित नहीं होते हैं तो वह इस बार इन खेलों में हिस्सा नहीं लेगा। कनाडा के रुख का आस्ट्रेलिया ने भी पालन किया है और कहा है कि वह टोक्यो ओलंपिक -2020 में अपने खिलाड़ी नहीं भेजेगा और इसलिए खिलाड़ियों को 2021 की तैयारी करना चाहिए क्योंकि संभवत: ओलंपिक खेल 2021 में हों।

आईओए को इस संबंध में अभी फैसला लेना है। आईओसी और जापान की सरकार ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इन खेलों को स्थिति बेहतर न होने पर स्थगित किया जा सकता है।