आईपीएल 2017 में वैसे तो एक से बढ़कर एक कई यादगार प्रदर्शन हुए लेकिन आइए नजर डालते हैं उन युवा बल्लबाजों के प्रदर्शन पर जो भले ही ऑरेंज कैप की रेस में शामिल न हो पाए हों लेकिन उन्होंने अपनी दमदार बल्लेबाजी से सबको प्रभावित जरूर किया.

1. ऋषभ पंतः जिस बल्लेबाज की तारीफ खुद क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने की हो लेकिन उसमें तो जरूर कुछ खास होगा. पंत ने दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए जोरदार प्रदर्शन करते हुए 14 मैचों में 366 रन बनाए, जिनमें दो अर्धशतक शामिल हैं और उनका उच्चतम स्कोर रहा 97 रन का, उनकी 165.61 की धमाकेदार स्ट्राइक रेट उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बानगी देती है. गुजरात के खिलाफ खेली गई उनकी 43 गेंदों की 97 रन आतिशी की पारी को कौन भूल सकता है. शायद इसीलिए उन्हें भविष्य का धोनी कहा जा रहा है!

2. संजू सैमसनः दिल्ली डेयरडेविल्स के इस युवा बल्लेबाज ने इस सीजन का पहला शतक जड़ा और दिल्ली के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. सैमसन ने 14 मैचों में 27.57 की औसत से 386 रन बनाए, जिनमें 1 शतक और 2 अर्धशतक शामिल रहे. उनका उच्चतम स्कोर रहा 102 रन और स्ट्राइक रेट 141.39. उनकी सबसे बेहतरीन पारी गुजरात के खिलाफ जीत के लिए मिले 209 रन के टारगेट के जवाब में 31 गेंदों पर 61 रन की रही. सैमसन ने पंत के साथ मिलकर 144 रन की अविजित साझेदारी करते हुए दिल्ली को असंभव लगने वाली जीत दिला दी थी.

3.राहुल त्रिपाठीः इस युवा बल्लेबाज को आईपीएल शुरू होने से पहले शायद ही किसी ने भाव दिया हो लेकिन वह पुणे की बल्लेबाजी के सबसे सुपरस्टार साबित हुए. उनक 146.44 की स्ट्राइक रेट पुणे के रहाणे, धोनी, स्टीव स्मिथ और बेन स्टोक्स जैसे स्टार साथी खिलाड़ियों से मीलों आगे है. उन्होंने 14मैचों में से 2 अर्धशतकों के साथ 391 रन बनाए. कोलकाता के खिलाफ उन्होंने 52 गेदों पर 93 रन की तूफानी पारी खेलते हुए पुणे को अकेले दम पर जीत दिलाते हुए भविष्य के सितारे के आगाज का संकेत दे दिया था.

4. क्रिस लिनः भारतीय युवा बल्लेबाजों के बीच इस ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने सबको अपना मुरीद बनाया. 27 वर्षीय लिन ने पहले ही मैच में कोलकाता के लिए महज 19 गेंदों पर हाफ सेंचुरी ठोकते हुए 93 रन की नाबाद पारी खेली. लिन बदकिस्मती से दूसरे ही मैच में चोटिल हो गए और अगले 9 मैचों में नहीं खेल पाए. फिर भी सिर्फ 7 लीग मैचों में ही उन्होंने 180.98 की धमाकेदार स्ट्राइक रेट से 295 रन बना दिए, जिनमें तीन अर्धशतक शामिल हैं. अगर लिन पूरा टूर्नामेंट खेल पाते तो ऑरेंज कैप उनके ही नाम होती!

5. नीतीश राणाः मुंबई की योजनाओं में उनका नाम शायद सबसे नीच था लेकिन अपने जोरदार प्रदर्शन से उन्होंने शुरुआती मैचों में रोहित शर्मा की नाकामी खलने नहीं दी. राणा ने 3 अर्धशतकों के साथ 30.27 की औसत से 13 मैचों में 333 रन बनाए, उनकी स्ट्राइक रेट रही 126.13 की है. उनका उच्चतम स्कोर रहा 62* का. राणा ने दिखाया कि मौका मिलने पर वह भविष्य में क्या कर सकते हैं.