राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के लिए चीनी प्रायोजकों के साथ बने रहने के बीसीसीआई के फैसले पर हैरानी जताई है। सोमवार को दिए बयान में एसजेएम ने कहा कि लोगों को इस टी-20 क्रिकेट लीग का बहिष्कार करने पर विचार करना चाहिए। Also Read - IPL 2020 CSK vs DC: जानें कैसे मिली श्रेयस अय्यर को MS Dhoni पर बड़ी जीत, ये है 5 बड़े कारण

एसजेएम के सह-संयोजक अश्वनी महाजन ने एक बयान में कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और आईपीएल की संचालन समिति ने चीनी सैनिकों के साथ झड़प में शहीद हुए भारतीय सैनिकों का अनादर किया है। Also Read - IPL 2020 CSK vs DC: चेन्नई की लगातार दूसरी हार के बाद धोनी ने बल्लेबाजों पर निकाला गुस्सा, बोले- अगले मैच में...

महाजन ने कहा, ‘‘जब देश अर्थव्यवस्था को चीनी प्रभुत्व से मुक्त बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है, सरकार चीन को हमारे बाजारों से दूर रखने के लिए सभी प्रयास कर रही है, ऐसे में आईपीएल ये फैसला देश की जनभावना के खिलाफ है।’’ Also Read - भारत की चीन को दो टूक, केवल पैंगोग ही नहीं.. सभी स्थानों से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया चलनी चाहिए

उन्होंने कहा कि लोगों को इस क्रिकेट लीग का बहिष्कार करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने बीसीसीआई और आईपीएल के आयोजकों से चीनी कंपनियों के साथ बने रहने के फैसले पर विचार करने की सलाह देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और गरिमा से बढ़कर कुछ भी नहीं है।

आईपीएल संचालन समिति ने रविवार को टूर्नामेंट के प्रमुख प्रायोजकों के रूप में चीनी कंपनियों के साथ बने रहने का फैसला किया था। चीनी मोबाइल फोन निर्माता कंपनी वीवो इस टी-20 लीग की ‘टाइटल’ प्रायोजक है। वीवो ने पांच साल के इस करार के लिए बीसीसीआई को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है।