भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल-13) की तारीख 26 सितंबर से 8 नवंबर के बीच लगभग तय कर ली है, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि प्रसारणकर्ता इन तारीखों से खुश नहीं हैं क्योंकि इसमें दिवाली (14 नवंबर) सप्ताह शामिल नहीं है. बीसीसीआई हालांकि स्टार इंडिया को इस मामले में सफाई देने को तैयार है. Also Read - क्या कोरोना की संभावित तीसरी लहर में ज्यादा प्रभावित होंगे बच्चे? जानें नए सर्वे में क्या आया सामने...

‘कुछ वर्षों में दिवाली का प्रारूप बदल गया है’ Also Read - International Yoga Day 2021: संयुक्त राष्ट्र ने कहा, कोरोना काल में एंग्जाइटी से लड़ने के लिए फायदेमंद है योग

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि बीते कुछ वर्षों में दिवाली का प्रारूप बदल गया है और बार्क (ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल) की रेंटिंग्स इन सप्ताह में अब ज्यादा खास नहीं रहती और यही कारण है कि भारतीय टीम को दिवाली ब्रेक दिया जाता है ताकि वह अपने परिवारों के साथ समय बिता सकें. Also Read - International Yoga Day 2021: कोरोना काल में फेफड़ों को बनाएं मजबूत, करें ये 4 योगासन

उन्होंने कहा, ‘हम स्टार इंडिया के साथ बैठकर इस मुद्दे पर कभी भा बात कर सकते हैं. हमने हालांकि उनसे बार्क रेंटिंग के बारे में बात की है क्योंकि वह सिर्फ आईपीएल ही नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट के मैच भी प्रसारित करती है. दिवाली के सप्ताह में बार्क रेंटिंग्स में गिरावट देखी गई है इसलिए हमारी राष्ट्रीय टीम इस दौरान ब्रेक लेती है.’

‘…तो हम प्रसारणकर्ता के साथ बैठकर इस पर कभी भी चर्चा कर सकते हैं’

अधिकारी ने कहा, ‘सिर्फ खिलाड़ियों को ब्रेक ही नहीं मिलता है बल्कि वह देश के सबसे बड़े त्योहार में अपने करीबियों के साथ अच्छा समय बिता पाते हैं. अगर किसी तरह की असमंजस है तो हम प्रसारणकर्ता के साथ बैठकर इस पर कभी भी चर्चा कर सकते हैं. यही कारण है कि आईपीएल को दिवाली सप्ताह तक नहीं खिंचा जा रहा है.’

इस संबंध में जब एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी से बात की तो उन्होंने कहा कि अगर आखिरी सप्ताह दिवाली के सप्ताह से जुड़ता तो इससे स्टार इंडिया को निश्चित फायदा होता लेकिन तारीखों से प्रेंचाइजियों को मतलब नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘अगर आप फ्रेंचाइजी के नजरिए से देखेंगे तो हमारे लिए ज्यादा अंतर नहीं है क्योंकि ऐसा नहीं है कि हम भारत में प्रशंसकों के सामने खेल रहे हैं और ज्यादा से ज्यादा लोग मैच देखने आएंगे और हमें गेट मनी से ज्यादा से ज्यादा पैसा मिलेगा.’

अधिकारी ने कहा ,’लेकिन हां, प्रसारणकर्ता के नजरिए से, ऐसा हो सकता है कि 75-80 प्रतिशत इवेंटरी बेची जा चुकी हो, और अभी भी कुछ आखिरी में बची हो जो अगर दिवाली के सप्ताह में लीग पहुंचती है तो उसे ज्यादा रेट पर बेचा जा सके.’