रविवार को होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020)) की गवर्निंग समिति की बैठक के दौरान 13वें सीजन के आयोजन की फाइनल तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान समिति आईपीएल फ्रेंचाइजी से अपने स्क्वाड की संख्या कम करने को कह सकती है। Also Read - ICC ने टी20 विश्‍व कप 2021 को लेकर बनाया बैकअप प्‍लान, भारत में होना है टूर्नामेंट

बता दें कि साल 2014 में जब आईपीएल का आयोजन यूएई में हुआ था तब भी टीमों ने छंटे हुए स्क्वाड के साथ यात्रा की थी। हालांकि इस बार ऐसा करना टीमों के लिए मुश्किल होगा। चूंकि हर फ्रेंचाइजी को यूएई पहुंचने के बाद अपनी टीम के लिए बायो बबल तैयार करना होगा। ऐसे में वो चाहेंगे कि टीम में पर्याप्त खिलाड़ी हों ताकि आगे चलकर स्वास्थ संबंधी समस्या होने पर कोई मुश्किल ना खड़ी हो। Also Read - IPL में मौका नहीं मिलने पर मुंबई के क्रिकेटर ने फांसी लगाकर दी जान !

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक फ्रेंचाइजी से जुड़े एक शख्स ने कहा, “अगर टीम में पूरी ताकत होती है, तो फ्रेंचाइजी अपने नॉन-प्लेइंग स्टाफ को छांटना पसंद करेंगी। कुछ फ्रेंचाइजी इस निर्णय को कोच और टीम मैनेजमेंट पर छोड़ देंगे। मैच के दिन, फ्रेंचाइजी मैदान पर कुछ निश्चित लोगों को ही लाएगी। यहां तक कि सपोर्ट स्टाफ के कुछ लोगों को भी होटल में रुकने के लिए कहा जा सकता है।” Also Read - IPL 2020: दक्षिण अफ्रीका,ऑस्ट्रेलिया के बाद इंग्लिश क्रिकेटर भी नहीं होंगे शुरुआती मैचों का हिस्सा

खिलाड़ियों की संख्या में कमी ना करने की एक वजह नेट प्रैक्टिस भी है। इस तरह के सख्त स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के बीच सही उपकरणों के साथ टीमों के लिए अभ्यास का आयोजन करना आसान नहीं होगा। फ्रेंचाइजी अधिकारी ने कहा, “इसलिए हमें ज्यादा खिलाड़ी चाहिए होंगे। टीम यूएई में कम से कम एक-डेढ़ महीने के लिए होंगी। इतनी सारी टीमों के लिए नेट बॉलर्स को लाना मुश्किल होगा।”