गत विजेता मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) गुरुवार को अबू धाबी में किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP) के खिलाफ मैच खेलने उतरेगी। मुकाबले से पहले मुंबई के गेंदबाजी कोच शेन बांड (Shane Bond) का कहना है कि उनके गेंदबाजों को पंजाब के कप्तान केएल राहुल (KL Rahul) पर दबाव डालना होगा।Also Read - IND vs SA: Shikhar Dhawan ने दिए संकेत, ओपनिंग में उनका नाम पक्का, मिडल ऑर्डर में खेलेंगे KL Rahul

एएनआई से बातचीत में बांड ने कहा, “केएल राहुल ने पिछले मैचों में हमारे खिलाफ रन बनाए हैं, वो एक शानदार खिलाड़ी है। हमें पता है कि बेहतरीन खिलाड़ी है और वो मैदान के चारों ओर रन बना सकता है। हमें ये भी पता है कि वो बीच के ओवरों में रन बनाता है। इसलिए ये हमारे लिए उस पर दबाव बनाने का मौका होगा, अगर वो हमारे खिलाफ उतना लंबा खेलता है तो।” Also Read - IND vs SA, 1st ODI: हार से निराश कप्तान KL Rahul, मध्यक्रम को बताया 'जिम्मेदार'

उन्होंने कहा, “आखिर में, जितना मजबूत खिलाड़ी वो है, हम उसे रन बनाने नहीं दे सकते। हमें अपने बल्लेबाजी क्रम पर विश्वास है, हमने अपने हर मैच में रन बनाए हैं, हमने यहां दो मैच खेले हैं इसलिए हमें यहां के हालातों से हम वाकिफ है।” Also Read - IND vs SA: साउथ अफ्रीका के खिलाफ इन 7 बड़ी वजहों से हारा भारत, दूसरे मैच में नहीं दोहराएगा ये गलतियां

बांड के मुताबिक हालातों के अनुकूल खुद को ढालना सबसे अहम होगा। उन्होंने कहा, “देखिए, हम स्थिति के हिसाब से खुद को ढालने की कोशिश कर रहे हैं। जब आप दुबई या अबू धाबी में आते है, तो आपको पुराने मैचों को देखकर थोड़ा अंदाजा होता है कि हालात कैसे होंगे लेकिन बात ये है कि आप कितना जल्दी खुद को हालात के हिसाब से खुद को ढाल सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “हमारी सीधी सी नीति है, बतौर तेज गेंदबाजी अटैक के तौर पर हम सात मीटर गेंदबाजी करते हैं और स्पिन गेंदबाजी अटैक के लिए 5 मीटर। हम चीजों को साधारण रखने की कोशिश करते हैं और हम जल्द से जल्द खुद को हालात के हिसाब से ढालने की कोशिश करते हैं।”

अधिकतर लोग डेथ ओवर में ज्यादा से ज्यादा यॉर्कर गेंद डालने को प्राथमिकता देते हैं लेकिन बांड ने बताया कि ये योजना कैसे गेंदबाज को भारी पड़ सकती है।

उन्होंने कहा, “यॉर्कर किसी तेज गेंदबाज के तरकश का एक तीर होती है। अगर आप इन पिचों को देखें जिन पर हम खेल रहे हैं, स्क्वायर बाउंड्री इतनी लंबी है कि आप कह सकते हैं कि पिच धीमी होने पर लेंथ गेंद पर छक्का मारना ज्यादा मुश्किल हो जाता है। दबाव भरे हालात में इसे (यॉर्कर) कराना मुश्किल है और अगर आप असफल हो जाते है तो आपको छक्का पड़ता है।”