यूएई में खेला गया इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें सीजन अब तक का सबसे प्रतिद्वंद्वी सीजन था क्योंकि पूरे टूर्नामेंट के दौरान हर टीम ने एक दूसरे को हराया लेकिन दुबई में हुए फाइनल मुकाबले में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) ने खेल को पूरी तरह से एकतरफा कर दिया। ट्रेंट बोल्ट (Trent Boult) की शानदार गेंदबाजी के दम पर मुंबई इंडियंस ने मात्र 22 रन पर दिल्ली के तीन विकेट गिराकर खेल पर जो बढ़त हासिल की उसे आखिरी रन तक कायम रखा। Also Read - IND vs AUS, 1st ODI, Predicted-XI: जीत से अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए इस प्‍लेइंग-XI के साथ उतरेगा भारत

मुंबई जब 157 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी को कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने आगे से टीम का नेतृत्व किया। अब तक टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं कर सके रोहित ने 51 गेंदो पर पांच चौकों और चार बेहतरीन छक्कों की मदद से 68 रन बनाकर मुंबई को पांचवीं बार आईपीएल ट्रॉफी जिताई। Also Read - India vs Australia: भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे मैचों में कौन है किसपर भारी, जानिए आंकड़ों की जुबानी

हालांकि रोहित की इस पारी के पीछे मुंबई के मध्यक्रम बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) का बड़ा योगदान है। रोहित जब अर्धशतक के करीब थे तब 11वें ओवर में उन्होंने अश्विन की गेंद पर बैकफुट पर खेलकर जल्दबाजी में रन लेने की कोशिश की लेकिन सूर्य ये जानते हुए कि फील्डर गेंद के खरीब था अपनी जगह से आगे नहीं बढ़ा और रोहित को रन के लिए मना किया। हालांकि कप्तान तब तक क्रीज पर कर चुके थे और प्रवीण दुबे ने गेंद विकेटकीपर रिषभ पंत को थमा दी थी। Also Read - Rohit Sharma, Ishant Sharma के लिए क्‍वारंटाइन नियम में नरमी चाहता है BCCI, CA से कियाअनुरोध

ऐसे में सूर्य अपने कप्तान का विकेट बचाने के इरादे से आखिरी समय पर स्ट्राइकर एंड की तरफ बढ़े और खुद रन आउट होकर रोहित को बचाया। अगर रोहित बड़ी पारी नहीं खेलते या मुंबई ये मैच हार जाती तो ये मैच का टर्निंग प्वाइंट होता क्योंकि सूर्य मुंबई के सबसे सफल और इनफॉर्म बल्लेबाज थे, जबकि रोहित ने 13वें सीजन में एक भी बड़ी पारी नहीं खेली थी। हालांकि किस्मत ने मुंबई का साथ दिया और रोहित पांचवीं खिताबी जीत हासिल करने में कामयाब रहे।

मैच के बाद जब इस बारे में सूर्यकुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “रोहित उस समय अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था। सबसे अहम बात ये थी कि वो पारी को संभाल रहा था। उसके लिए अपना विकेट गंवाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं।”

हालांकि कप्तान रोहित का कुछ और ही मानना था। मैच के बाद रोहित ने कहा कि उन्हें सूर्य के लिए अपना विकेट बलिदान करना चाहिए था। प्रेसेंटेशन के दौरान रोहित ने कहा, “सूर्य एक परिपक्व खिलाड़ी है। जिस तरह के फॉर्म में वो है, मुझे सूर्य के लिए अपना विकेट बलिदान करना चाहिए था। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उसने कुछ शानदार शॉट खेले।”

सूर्यकुमार यादव ने 13वें आईपीएल सीजन में मुंबई के लिए खेलते हुए 16 मैचों की 15 पारियों में 40 के औसत से 480 रन बनाए हैं।