इंग्लैंड के विश्व कप विजेता कप्तान इयोन मोर्गन (Eoin Morgan) का मानना है कि अगर कोई टीम सफलता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ती है तो वहां ‘कप्तानी के तमगे’ के बिना भी खिलाड़ी अहम भूमिका निभाते है। मोर्गन दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) के नेतृत्व वाली कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक हैं।Also Read - राजस्थान रॉयल्स के लिए अच्छा निवेश हो सकते हैं युवा यशस्वी जायसवाल: इरफान पठान

मोर्गन ने पीटीआई को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘हमारी टीम में नेतृत्व करने वाले कई सीनियर खिलाड़ी हैं लेकिन उनके पास ये तमगा नहीं है।’’ Also Read - IPL 2022 retention: पठान ने कहा- विराट कोहली, ग्लेन मैक्सवेल के साथ युजवेंद्र चहल और मोहम्मद सिराज को रीटेन करेगी RCB

उनसे जब पूछा गया कि एक सफल अंतरराष्ट्रीय कप्तान के तौर पर क्या वो अपनी मर्जी से कप्तान (दिनेश कार्तिक) को सुझाव देते है या फिर मदद मांगे जाने का इंतजार करते है? उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ये अब तक वास्तव में अच्छी तरह से काम कर रहा है। मेरा मानना है कि डीके (कार्तिक) और ब्रेंडन मैकुलम टीम का बहुत अच्छी तरह से नेतृत्व करते हैं।’’ Also Read - IPL 2022: नई फ्रेंचाइजी लखनऊ की कप्तानी संभाल सकते हैं केएल राहुल

उन्होंने कहा, ‘‘टीम के अंदर भी ये एक महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि जब कप्तान, कोच और उप-कप्तान के अलावा अन्य वरिष्ठ खिलाड़ी नेतृत्व या निर्णय लेते हैं, तो इससे टीम के बाकी सदस्यों को स्पष्ट संदेश जाता है।’’

आयरलैंड के मोर्गन ने खुद को सबसे सम्मानित कप्तानों में एक के तौर पर स्थापित किया है। वो उस विश्व विजेता टीम के कप्तान है जिसमें संस्कृति के तौर पर सबसे ज्यादा विविधता है। उन्हें इस बात की खुशी है कि आईपीएल ड्रेसिंग रूम विभिन्न पृष्ठभूमि, विभिन्न भाषाओं के खिलाड़ियों के साथ लाता है, जिससे शानदार यादें बनती है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि खेल हमेशा क्षणिक होता है लेकिन जब आप खेल रहे होते हैं तो आप जिस भाषा में बोलते हैं वो हमेशा आपके साथ रहता है। ड्रेसिंग रूम में लोगों को क्रिकेट के बारे में अलग-अलग भाषाओं में बात करते देखना दिलचस्प है और जिन लोगों को उस भाषा के बारे में पता नहीं है वे भी बातचीत के अंश को समझ लेते है।’’

कई अन्य लोगों की तरह, 34 साल के मोर्गन ने भी इस बात पर सहमति जताई कि फ्रैंचाइजी क्रिकेट के विकास ने विभिन्न क्षेत्रों के खिलाड़ियों को एक साथ लाने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ फ्रेंचाइजी क्रिकेट का विकास से अलग-अलग संस्कृति और अलग-अलग भाषाओं को एक साथ ले आया है जिससे घुलने-मिलने में आसानी होती है।’’

मोर्गन ने माना कि सात-आठ पहले की तुलना में इस फॉर्मेट में अब इंग्लैंड के खिलाड़ियों की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कई सत्रों तक आईपीएल नहीं खेला और मेरा मानना है कि सात-आठ साल पहले की तुलना में अब ज्यादा खिलाड़ी इसके लिए आ रहे है। इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने वाले कई खिलाड़ियों की मांग काफी अधिक है। जोस बटलर, बेन स्टोक्स और जोफ्रा आर्चर के पास सबसे उपयोगी खिलाड़ी बनने का मौका है।’’