कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए हालातों के चलते आईपीएल (IPL 2020) को यूएई शिफ्ट कर दिया गया है. यह आपदा भारत के रणजी, अंडर-19 और अंडर-23 क्रिकेटर्स के लिए एक अवसर बनाकर आई है. जी हां, विदेश में इस आपदा की स्थिति में आईपीएल होने के कारण इन्‍हें एक विशेष अवसर मिलने जा रहा है. यूएई में सभी फ्रेंचाइजी अधिक नेट्स गेंदबाजों के साथ जाएंगी, जिससे इन लोकल क्रिकेटर्स के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्‍छा मौका होगा. Also Read - UAE पहुंचे स्‍टीव स्मिथ, जोस बटलर की Covid-19 रिपोर्ट आई सामने, पहले मैच में…

यूएई में आईपीएल होने से कम से कम 50 ऐसे क्रिकेटरों को फायदा हो सकता है जिनका नाम कम लोग ही जानते हो. ये खिलाड़ी आठ फ्रेंचाइजी टीमों के साथ ‘विशेष’ नेट गेंदबाज के तौर पर यात्रा करेंगे. Also Read - अगर DC प्‍लेऑफ में नहीं पहुंची तो क्‍या मालिक दें देंगे इस्‍तीफा ? पर्थ जिंदल का बड़ा बयान

चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल ने इस बात की पुष्टि की कि वे नेट गेंदबाजों की सूची तैयार कर रहे हैं. Also Read - IPL 2020, MI vs CSK: चेन्‍नई ने चुनी गेंदबाजी, एक साल बाद मैदान पर लौटे धोनी

इस सूची में ज्यादातर प्रथम श्रेणी, अंडर -19 और अंडर -23 के राज्य स्तर के क्रिकेटर शामिल हैं, जिन्हें एक महीने तक महेन्द्र सिंह धोनी, सुरेश रैना, ऋषभ पंत जैसे बल्लेबाजों के खिलाफ नेट पर गेंदबाजी करने का मौका मिलेगा.

नेट अभ्यास के लिए आमतौर पर स्थानीय गेंदबाजों का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन टूर्नामेंट के लिए सख्त जैव-सुरक्षा उपायों के तहत सभी फ्रेंचाइजी को अभ्यास सत्र के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले गेंदबाजों की व्यवस्था करनी होगी.

बीसीसीआई ने हालांकि टीमों में खिलाड़ियों की संख्या को 24 तक सीमित किया है. फ्रेंचाइजी के साथ हालांकि कितने लोग यात्रा करेंगे यह अभी तय नहीं है. यह संख्या विभिन्न टीमों में अलग-अलग हो सकती है. सुरक्षा की दृष्टि से यह माना जा रहा है कि आठ में से अधिकांश टीमें स्थानीय नेट गेंदबाजों को लेने से बचेंगी.

चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) काशी विश्वनाथन ने मंगलवार को न्‍यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘‘अगर सब कुछ ठीक रहा तो हम अभ्यास सत्रों के लिए लगभग 10 गेंदबाजों को विशेष रूप से यूएई में ले जाने की योजना बना रहे हैं. वे टीम के साथ होंगे और टूर्नामेंट शुरू होने तक वहां रहेंगे.’’