इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें एडिशन के आयोजन के शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं.  ऐसे में लीग के शुरू होने से पहले प्रैक्टिस मैच की मांग उठने लगी है.  हालांकि बीसीसीआई (BCCI) ने अब तक शेड्यूल (ipl schedule 2020) का ऐलान नहीं किया है. Also Read - IPL 2020, CSK vs MI: मैच का रुख पलट सकते हैं मुंबई-चेन्नई के ये पांच खिलाड़ी

किंग्स इलेवन पंजाब  (Kings XI Punjab) के फील्डिंग कोच जोंटी रोड्स (Jonty Rhodes) का मानना है कि लंबे समय से क्रिकेट से दूर रहे खिलाड़ियों को मैच परिस्थितियों के अनुरूप ढलने के लिए आईपीएल से पहले अभ्यास मैचों की जरूरत है. Also Read - IPL 2020: धोनी के उन्हें डेथ ओवरों में गेंदबाजी ना देने का कारण सुनकर हैरान रहे गए थे चाहर

‘खिलाड़ियों को भावनात्मक सहयोग देने की भी जिम्मेदारी है’ Also Read - School Reopen Latest News: दिल्ली के बाद अब इस राज्य में भी 21 सितंबर को नहीं खुलेंगे स्कूल, जानिए क्या है वजह 

दो साल बाद आईपीएल में लौट रहे रोड्स ने यह भी कहा कि उनके जैसे कोचिंग स्टाफ पर खिलाड़ियों को भावनात्मक सहयोग देने की भी जिम्मेदारी है क्योंकि कोरोना वायरस स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण अधिकांश अपने परिवार और दोस्तों से दूर रहेंगे.

यूएई में 19 सितंबर से शुरू हो रही लीग के लिये जैविक सुरक्षित मानक संचालन प्रक्रिया कड़ाई से लागू की जाएगी.  अधिकांश खिलाड़ियों ने अपने परिवार को साथ नहीं ले जाने का फैसला किया है.

‘सभी खिलाड़ी लय में लौट आए हैं’

नौ सत्र तक मुंबई इंडियंस टीम (Mumbai Indians) के साथ रहे रोड्स ने कहा ,’कौशल की बात करें तो सभी खिलाड़ी लय में लौट आए हैं और नेट्स पर अपना स्वाभाविक खेल दिखा रहे हैं जो रोचक है क्योंकि लॉकडाउन के दौरान वे अधिक अभ्यास नहीं कर सके. ‘

उन्होंने कहा , ‘हम कोशिश कर रहे हैं कि मैच परिस्थितियों में ढलने के लिए एक या दो अभ्यास मैच कराये जा सकें. ‘

रोड्स ने कहा , ‘भारत में क्रिकेट बहुत खास है.  मैंने आईपीएल के दौरान देखा है.  होटल के कमरों में परिवार और दोस्तों के साथ रात को डिनर लेना वगैरह.  लेकिन ये पेशेवर क्रिकेटर हैं और सबसे कठिन ‘बायो बबल’नहीं बल्कि खेलने का मौका नहीं मिलना है.  खिलाड़ी बायो बबल में रहने के लिए तैयार होकर आए हैं . ’

उन्होंने कहा , ‘टूर्नामेंट में प्रदर्शन में उतार चढाव आता रहता है और कोचों की जिम्मेदारी है कि खिलाड़ियों को भावनात्मक सहयोग दें क्योंकि परिवार साथ नहीं है.’