इस नीलामी के तीसरे चरण की शुरुआत में अरोन फिंच की नीलामी की शुरुआत हुई, जिनका बेस प्राइज़ था 1 करोड़ रूपए। जिन्हें 1 करोड़ में टीम गुजरात ने अपनी टीम में शामिल कर लिया। अगले खिलाड़ी थे न्यू ज़ीलैंड के मार्टिन गप्टिल,  जिन्हें दुसरे चरण में भी किसी टीम का हिस्सा बनने का मौका नहीं मिला। वहीँ उस्मान ख्वाजा, हाशिम अमला, जोर्ज बैली को भी किसी टीम में जगह नहीं मिली। इसके बाद खिलाड़ी सिम बिलिंग को 30 लाख में टीम दिल्ली ने खरीद लिया। इसके अलावा मुशफिकर रहीम जहाँ इस लीग से बाहर हो गए, वहीँ  टी सुमन को हैदराबाद ने महज 10 लाख में अपनी टीम में शामिल कर लिया। इसके अलावा उमंग शर्मा को टीम गुजरात ने 10 लाख में खरीद लिया। इसी श्रृंखला में जितेश शर्मा को मुंबई इंडियंस की टीम में जगह मिली, वहीँ ए वी वानखेड़े को लीग से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। 17 साल के अरमान जफ़र को 10 लाख की बेस राशि के साथ टीम पंजाब का हिस्सा बनने का मौका मिला।

ऑल राउंडर्स समूह में जेसन होल्डर से शुरुआत के साथ, उन्हें 70 लाख में टीम कोलकाता में जगह मिली। इसी समूह से थीसारा परेरा को 1 करोड़ में टीम पुणे ने खरीदा, वहीँ सीन अबोट को 50 लाख में खरीदा गया। इसके अलावा बेन कटिंग को टीम हैदराबाद ने महज़ 50 लाख में खरीद लिया। अगले खिलाडी एन्द्रियु ताए को 50 लाख में टीम गुजरात ने खरीद लिया। वहीँ, निथान मेकैलम को दुसरे चरण में भी किसी टीम ने नहीं खरीदा। प्रवीण दुबे के लिए टीम बैंगलोर ने 35 लाख रूपए दिए, तो आर सतीश को टीम कोलकाता ने 20 लाख रूपए में खरीदा। अगले खिलाड़ी विजय शंकर को 35 लाख में टीम हैदराबाद ने खरीदा। वहीं, शादाब जकाती 20 लाख में गुजरात का हिस्सा बने।

10 लाख बेस प्राइज़ की शुरुआत के साथ आकाश दीप नाथ गुजरात टीम का हिस्सा बने, वहीं मनन शर्मा को  10 लाख में टीम कोलकाता ने खरीदा। अगले खिलाड़ी बाबा अपाराजीत को टीम पुणे में जगह मिली, साथ ही दीपक चाहर को 10 लाख में पुणे टीम ने खरीदा। जहाँ के पी कामथ को मुंबई इंडियंस ने हैदराबाद से करोड़ 40 लाख रूपए में जीता, वहीँ प्रदीप साहू को  10 लाख में टीम पंजाब ने अपनी ताम में शामिल कर लिया। कुनाल पांड्या को बेस प्राइज़ 10 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रूपए में टीम  मुंबई ने खरीदा। अगले खिलाडी एस के अहमद को 10 लाख में टीम दिल्ली का हिस्सा बनने का मौका मिला, वहीं जयदेव शाह को 20 लाख में टीम गुजरात ने खरीदा।

अगले समूह से पहले  प्रतियुश सिंह को टीम दिल्ली ने 10 लाख में खरीदकर इस श्रंखला को आगे बढ़ाया, वहीं अशोक डिंडा को 50 लाख में टीम पुणे ने खरीदा। इसके बाद केन रिचार्डसन को 1 करोड़ 50 लाख में टीम बैंगलोर ने हासिल किया, तो प्रज्ञान ओझा को किसी भी टीम का हिस्सा बनने का मौका नहीं मिला। अगले खिलाड़ी जोएल पेरिस को 30 लाख में टीम दिल्ली ने खरीदकर नीलामी को आगे बढ़ाया, वहीं विक्रमजीत मालिक को 20 लाख में टीम बैंगलोर ने खरीदा। इसी श्रंखला को आगे बढाते हुए पवन सुयाल को टीम दिल्ली ने महज़ 10 लाख में खरीदा।

जहाँ एक ओर शेन वॉट्सन अब तक के सबसे महंगे खिलाड़ी साबित हुए, वहीँ अरोन फिंच और गप्टिल को किसी ने नहीं खरीदा। इसके अलावा युवराज सिंह को सिर्फ 7 करोड़ में ही खुश होना पड़ा। इसके अलावा गुजरात ने प्रवीण कुमार पर बड़ा दावं लगाकर उन्हें टीम में शामिल कर लिया। बता दें कि आईपीएल के फ्रैंचाइज़ी टीमों के पास बैलेंस अमाउंट में से दिल्ली डेयरडेविल्स के पास 36.85 करोड़, सनराइजर हैदरबाद के पास 30.15 करोड़, पुणे के पास 27 करोड़, गुजरात के पास 27 करोड़, किंग्स एलेवेन पंजाब के पास 23 करोड़, आरसीबी के पास 21.62 करोड़, केकेआर के पास 17.95 करोड़ और मुंबई इंडियंस के पास 14.40 करोड़ रुपये हैं।