नई दिल्ली| साल 2011 में जब गौतम गंभीर का नाम आईपीएल नीलामी में आया था तो उनकी इसमें दिलचस्पी न के बराबर थी क्योंकि विश्व कप करीब था. लेकिन एकबार भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने के बाद उन्होंने कोलकाता नाइटराडर्स की अगुवाई करते हुए टीम को दो आईपीएल खिताब दिलाए. अब आईपीएल की एक और नीलामी होगी जिसमें यह सलामी बल्लेबाज किसी भी फ्रेंचाइजी के लिये ‘वरिष्ठ खिलाड़ी’ की भूमिका निभाने के लिये तैयार है. Also Read - कप्तान अजिंक्य रहाणे के पूछने पर गाबा टेस्ट में चोट के साथ गेंदबाजी को तैयार थे नवदीप सैनी

Also Read - Gautam Gambhir Donated One Crore Rupees for Ram Mandir: गौतम गंभीर ने राम मंदिर के लिए 1 करोड़ रुपए दान दिए, कही ये बात

गंभीर ने 27 और 28 जनवरी को बेंगलुरू में होने वाली नीलामी से पहले कहा, 2011 में, मुझे याद है कि यह जनवरी का महीना था और तब मेरी चिंता बस यही थी कि मुझे उस वर्ष होने वाले 50 ओवर के विश्व कप के लिये चुना जाता है या नहीं. यह नीलामी के दिन ही था, मुझे चिंता हो रही थी. अब सात साल बाद मेरा जीवन और क्रिकेट के प्रति रवैया काफी व्यापक हो गया है. Also Read - गौतम गंभीर ने कहा- इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जसप्रीत बुमराह को आराम दिया जाय

उन्होंने कहा कि मैं अपने करियर के उस चरण में हूं जहां मैं सीनियर खिलाड़ी होना चाहता हूं, युवा क्रिकेटरों का मेंटर होना चाहता हूं. भले ही यह केकेआर के लिये हो या फिर सनराइजर्स, दिल्ली और मुंबई के लिये, मुझे इससे कोई परेशानी नहीं है.

आर्थिक तंगी से जूझ रहे विश्व चैम्पियन भारतीय नेत्रहीन क्रिकेटर

आर्थिक तंगी से जूझ रहे विश्व चैम्पियन भारतीय नेत्रहीन क्रिकेटर

विश्व कप विजेता के लिये केकेआर की टीम काफी भावनात्मक निवेश रही है और उन्होंने स्वीकार किया कि अगर वह दोबारा पर्पल जर्सी नहीं पहनते हैं तो उनके लिये काफी मुश्किल होगा. फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज कर दिया है.

गंभीर ने कहा कि हां, यह काफी मुश्किल होगा क्योंकि केकेआर ने बतौर बल्लेबाज, नेतृत्वकर्ता और व्यक्ति के तौर पर मुझे व्यक्त करने का मंच प्रदान किया. लेकिन अंत में मैं केकेआर के फैसले का सम्मान करता हूं, उनके इस कदम के पीछे कुछ मजबूत कारण होंगे जो उन्होंने मुझे बताये और मुझे इससे कोई परेशानी नहीं है.

उन्होंने कहा कि मेरे दिल में उनके लिये कोई द्वेष नहीं है, शायद मेरे लिये कोई नई चुनौती इंतजार कर रही है. मुझे इन चुनौतियों को स्वीकार करने में खुशी होगी. देखते हैं क्या होता है.