कोरोना काल में आईपीएल 2020 (IPL 2020) का आयोजन यूएई में 19 सितंबर से आठ नवंबर के बीच होना अब तय है. ऐसे में अब सवाल उठता है कि विदेशी सरजमीं पर दर्शकों को मैदान में आकर टूर्नामेंट का लुत्‍फ उठाने की इजाजत मिलेगी या नहीं. आईपीएल चेयरमैन बृजेश पटेल (Brijesh Patel) ने कहा कि हमने ये फैसला यूएई प्रशासन पर छोड़ दिया है. Also Read - डीन जोन्‍स: क्रिस लिन के जाने के बाद KKR इस U-19 स्‍टार को दे ओपनिंग में मौका

टिकट बिक्री से होने वाली कमाई फ्रेचाइजीज की कमाई का अहम हिस्‍सा है. ऐसे में कोरोना काल में कई फ्रेंचाइजियों का मानना है कि गेट मनी मायने नहीं रखती है क्योंकि उनके लिए कोरोनावायरस की स्थिति में आईपीएल का आयोजन होना ही एक बड़ी बात है. कुछ फ्रेंचाइजियों ने हालांकि टिकटों से होने वाली कमाई पर बात की है. Also Read - 'धोनी ने मुझे कहा था, टीम के सबसे तेज धावक को हराते रहने तक खेलना जारी रखेंगे'

इस मामले से संबंध रखने वाले एक सूत्र ने न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया कि फ्रेंचाइजियों और बीसीसीआई के बीच हुई बैठक में एक फ्रेंचाइजी के युवा चेहरे जो बोर्ड के काफी करीब हैं, ने टिकट रेवेन्यू की भरपाई का मुद्दा उठाया. Also Read - IPL 2020: बीसीसीआई का दावा, यूएई में आईपीएल कराने की ‘सैद्धांतिक’ मंजूरी मिली

उन्होंने कहा, “टिकट रेवेन्यू की भरपाई का मुद्दा एक युवा ने उठाया जो बोर्ड के काफी करीब है. लेकिन बैठक में मौजूद बाकी लोगों ने कहा कि टिकट का मुद्दा उनके लिए ज्यादा मायने नहीं रखता और जो बात मायने रखती है वो है इस साल आईपीएल हो रहा है.”

“इस तरह के माहौल में यह हैरानी वाली बात है कि फ्रेंचाइजी में छोटा-मोटा हिस्सा रखने वाले हितधारक मुद्दे को उठा रहे हैं. लोगों ने कहा कि यह अचरच वाली बात नहीं है और यह तवज्जो चाहने वाली बात है जो पहले भी देखा गया है और यह कई बार आईपीएल के लिए सिरदर्द रहा है.”

बीसीसीआई अधिकारी ने कहा कि इस समय विचार एक साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना है कि आईपीएल का आयोजन सफलतापूर्वक हो सके क्योंकि इस समय पूरा विश्व महामारी से जूझ रहा है.

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ऐसा करना (टिकट रेवेन्यू की भरपाई) बीसीसीआई के लिए वित्तीय तौर पर सही होगा. प्रत्येक फ्रेंचाइजी लगभग 200 करोड़ अधिकार रकम के तौर पर कमाएंगीं जो वैसे नहीं होता है. मुझे पूरा भरोसा है कि वह टिकट रेवेन्यू की भरपाई के बदले इसे नहीं खोना चाहेंगी. आईपीएल इस साल हो रहा लेकिन यह फ्रेंचाइजियों और राज्य संघों के समर्थन से ही मुमकिन हो सका है.”

फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने इस बात को दोहराया कि आईपीएल का सफल आयोजन जरूरी है क्योंकि इसमें कई घरेलू क्रिकेटरों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है.