पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और दिग्गज कोचों में शुमार टॉम मूडी (Tom Moody) ने सलाह दी है कि आईपीएल के प्लेऑफ राउंड को बदला जाना चाहिए, जिससे दोनों टीमों को प्रदर्शन का बराबर मौका मिल सके. मूडी ने कहा कि यूएई में इन दिनों ओस का प्रभाव काफी रहता है. इससे टॉस जीतने वाली टीम के लिए फील्डिंग चुनना आसान विकल्प हो जाता है और कंडिशंस के लिहाज आधी बाजी टॉस जीतने वाला कप्तान मैच शुरू होने से पहले ही जीत लेता है. लेकिन मूडी की इस बात का समर्थन पूर्व टेस्ट क्रिकेटर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) और इयन बिशप (Ian Bishop) ने नहीं किया है.Also Read - IPL 2021: Aakash Chopra ने चुनी सीजन की 'फ्लॉप XI', Bhuvneshwar Kumar समेत 5 भारतीय खिलाड़ियों को चुना

मूडी ने यह बात क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइन्फो के एक कार्यक्रम ‘म्यूट मी’ में कही. मूडी ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से हम देख रहे हैं कि यहां ओस का प्रभाव खेल पर काफी बढ़ गया है. हर कप्तान टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करना चाहता है क्योंकि पहली पारी में तो बोलर अपना कमाल दिखा सकते हैं. वे अपनी बॉलिंग में रणनीतियों पर काम कर अपना पूरा दमखम दिखा सकते हैं. Also Read - Team India Coach: भारतीय टीम के कोच बनना चाहते हैं यह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर

इस पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने कहा, ‘वहीं मैच के दूसरे हाफ में बॉलरों के पास कुछ करने के लिए ज्यादा कुछ बचता ही नहीं है. यहां खेल पर तब ओस की चलती है.’ 55 वर्षीय मूडी ने सलाह दी कि ऐसे में प्लेऑफ के मैच शाम को 6 बजे (UAE के समयानुसार) नहीं बल्कि शाम 4 बजे होने चाहिए. ताकि दोनों टीमों के पास मैच के अंत तक एक समान स्थितियां रहें. Also Read - MS Dhoni फिलहाल आईपीएल में नंबर-1 कप्तान हैं: गौतम गंभीर

मूडी की बात पर पूर्व टेस्ट क्रिकेट आकाश चोपड़ा और इयन बिशप ने नहीं किया है. चोपड़ा ने कहा कि क्रिकेटीय तर्क के अनुसार तो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता. लेकिन आईपीएल में कुछ और फैक्टर्स भी हैं, जिनका ध्यान रखना होगा. चाहे हम उसे पसंद करें या न करें लेकिन वह भी खेल का हिस्सा हैं वह खेल का व्यवसायीकरण. तो ऐसे में आयोजकों को दर्शकों की उपलब्धता को भी देखना होगा. टीवी उद्योग इस पर कभी राजी नहीं होगा. तो ऐसे में इस बात का संभव होना नामुमकिन है.

इयन बिशप ने भी चोपड़ा की बात से सहमति जताते हुए माना कि यह हो पाना संभव नहीं है. बिशप ने कहा कि खेल के लिहाज से मूडी का सुझाव बहुत ही बेहतर है खिलाड़ी भी इससे सहमत होंगे लेकिन यहां मिलियन और बिलियन डॉलर का सवाल है तो यह संभव नहीं हो पाएगा.