भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले की अगुआई वाली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की क्रिकेट समिति ने कोरोना वायरस के खतरे से बचने के लिए अंतरिम कदम के तहत थूक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है. उधर,पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान को लगता है कि गेंद को चमकाने के लिए थूक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध गेंदबाजों के लिए करारा झटका होगा और अधिकारियों को बल्लेबाजों के पूर्ण दबदबे को रोकने के लिए गेंदबाजों के अनुकूल टेस्ट विकेट तैयार कराना चाहिए. Also Read - बिहार में कोरोना: 24 घंटे में 704 नए मामले, करीब 14 हज़ार हुई संक्रमितों की संख्या

‘2 साल का बैन चल सकता है’ Also Read - On This Day: न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार से अब तक उबर नहीं पाए धोनी, वापसी का इंतजार

पठान को लगता है कि यह बैन 2 साल तक चल सकता है और इससे बल्लेबाजों को अनुचित लाभ मिल जाएगा. उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘आपको सुनिश्चित करना होगा कि पिचें बल्लेबाजों के बजाय गेंदबाजों के ज्यादा अनुकूल हों ताकि थूक का इस्तेमाल नहीं करने से मिलने वाले फायदे को खत्म किया जा सके. अगर आप ठीक तरह से गेंद को चमका नहीं सकोगे तो आप वैज्ञानिक कारणों से हवा को चीर नहीं सकोगे.’ Also Read - कोरोना महामारी के बीच फिल्म निर्माता बना रहे हैं ये प्लान, तापसी पन्नू की आगामी फिल्म से हो सकती है शुरुआत

उन्होंने कहा, ‘और अगर आप इसे स्विंग नहीं कर पाओगे तो बल्लेबाजों के लिए चीजें आसान होंगी क्योंकि कोई भी सिर्फ तेज रफ्तार से नहीं डरता, उनको रफ्तार और स्विंग का संयोजन भयभीत करता है.’

‘बैन का असर टेस्ट मैचों में गेंदबाजों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा’

भारतीय क्रिकेट में स्विंग गेंदबाजी के महारथियों में से एक पठान ने कहा, ‘इसका (प्रतिबंध) असर टेस्ट मैचों में गेंदबाजों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा. यह सफेद गेंद के क्रिकेट के लिये कोई मुद्दा नहीं होगा क्योंकि गेंदबाज पहले कुछ ओवरों के बाद वैसे भी गेंद को नहीं चमकाते, वे इसे नरम बनाना चाहते हैं (ताकि बल्लेबाजों के लिए स्ट्रोक्स खेलना मुश्किल हो जाए).’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में आपको गेंद चमकाने की जरूरत होती है, भले ही आप तेज गेंदबाज हो या फिर स्पिनर. स्पिनर गेंद को ‘ड्रिफ्ट’ करने के लिए चमक पर निर्भर होते हैं. बल्लेबाजों के लिए बहुत बड़ा फायदा होगा. खेल फिर बल्लेबाजों के ज्यादा अनुकूल हो जाएगा.’

‘इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में मिलती है तेज गेंदबजों को मदद’

पठान ने कहा कि वह घसियाली पिच के बजाय पिच के नीचे नमी को तरजीह देंगे. उन्होंने कहा, ‘अगर आप इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को देखो तो वहां ज्यादा घास नहीं है लेकिन वहां नमी है और इससे गेंदबाजों को मदद मिलती है.’

पठान ने कहा, ‘आपको सुनिश्चित करना होगा कि गेंदबाजों के लिए भी कुछ हो. अगर गेंद के जरिए नहीं तो फिर परिस्थितियों के हिसाब से ही. अगर गेंदबाजों के लिए हालात मददगार होंगे तो वे रिवर्स स्विंग की तलाश में नहीं रहेंगे, वे पारंपरिक स्विंग पर ध्यान देंगे.’