कोरोना वायरस के कारण दो महीने से क्रिकेट की लगभग सभी गतिविधियां ठप्प है.भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान (Irfan Pathan) का मानना है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट को कोरोना वायरस महामारी (COVID-19 Outbreak) के बाद खेल बहाल होने पर गेंदबाजों की चोटों के प्रबंधन को लेकर काफी सतर्कता बरतनी होगी.Also Read - वीरेंद्र सहवाग ने शेयर किया वैकल्पिक नंबर, बोले- शॉवर में गिरकर खराब हो गया है फोन, फैन्‍स कंफ्यूज

भारतीय खिलाड़ियों ने 25 मार्च के बाद से अभ्यास नहीं किया है. कोरोना महामारी के बाद तब से देशव्यापी लॉकडाउन लागू था. तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) ने पिछले महीने बोइसर में अभ्यास शुरू कर दिया. Also Read - इंग्लैंड में टीम इंडिया को भुवनेश्वर कुमार जैसे स्विंग गेंदबाज की जरूरत: युवराज सिंह

हाल में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने वाले पठान ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) टीमों समेत सभी टीमों को गेंदबाजों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी क्योंकि दो महीने बाद मैदान पर लौटने पर चोटों की संभावना अधिक होगी. Also Read - खिलाड़ियों का मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करना सकारात्मक चीज है: जेम्स एंडरसन

उन्होंने स्टार स्पोटर्स के शो ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ पर कहा, ‘चोटों का मैनेजमेंट सबसे अहम है. हमें गेंदबाजों पर फोकस करना होगा.’ आईसीसी ने भी हाल ही में गेंदबाजों के लिए खास दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा था कि टीमों को गेंदबाजों के कार्यभार को लेकर सजग रहना होगा. पठान 2007 टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे.