अमेरिका में अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड को मार दिए जाने के बाद देश भर में पड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और इसने दुनिया भर में नस्लवाद को लेकर बहस को हवा दी. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने नस्लवाद को लेकर कहा है कि यह सिर्फ चमड़ी के रंग तक सीमित नहीं है बल्कि धर्म के कारण भी लोगों को नस्ली उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है. Also Read - IPL 2020 की मेजबानी के लिए श्रीलंका, UAE के बाद अब इस देश ने भेजा प्रस्‍ताव

पठान ने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा, ‘नस्लवाद सिर्फ चमड़ी के रंग तक सीमित नहीं है. किसी और धर्म का होने के कारण सोसाइटी में घर खरीदने की स्वीकृति नहीं दिया जाना भी नस्लवाद है.’ Also Read - ‘IPL हुआ तो ICC पर उठेंगे सवाल, सभी देश मिलकर भारत को मजबूत संदेश दें’

पठान से जब यह पूछा गया कि क्या यह उनका निजी अनुभव है या उन्होंने ऐसा महसूस किया है तो उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘ऐसा मुझे लगता है और मुझे लगता है कि इससे कोई इनकार नहीं कर सकता.’ Also Read - नासिर हुसैन ने भारतीय टीम के चयन नीति पर उठाए सवाल, बोले-सिर्फ प्लान 'ए' से काम नहीं चलता

इस साल की शुरुआत में खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने वाले पठान ने भारत की ओर से 29 टेस्ट, 120 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 24 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले.

गेल और सैमी ने रखे अपने पक्ष 

फ्लॉयड की मौत के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने भी आगे आकर खेल में नस्लवाद के मामले में अपना पक्ष रखा है. इन क्रिकेटरों में वेस्टइंडीज के विस्फोटक ओपनर क्रिस गेल और पूर्व कप्तान डेरेन सैमी भी शामिल हैं. सैमी ने आरोप लगाया है कि 2014 आईपीएल के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद की उनकी टीम के कुछ साथियों ने उन पर नस्लीय टिप्पणी की थी.