बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान (Irrfan Khan) ने बुधवार को दुनिया को अलविदा कह दिया. 54 वर्षीय इरफान पिछले दो साल से न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से जूझ रहे थे. उनकी कई ऐसी फिल्में है जिसे बार-बार देखने को मन करता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड को बड़ी-बड़ी फिल्में देने वाला ये शख्स कभी क्रिकेटर बनना चाहता था. लेकिन पैसे के ना होने से इरफान ने खेल की दुनिया से मुंह मोड़ लिया. Also Read - कोविड-19 की वजह से भारतीय क्रिकेटर चेतन सकारिया के पिता का निधन

B’day Special: बीमार होने के बावजूद इस भारतीय पेसर ने टीम इंडिया को दिलाया था ‘सुपर सिक्स’ का टिकट Also Read - भारत-न्यूजीलैंड के बीच होने वाला WTC फाइनल मैच देखने इंग्लैंड जाएंगे BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली

इरफान एक ऑलराउंडर थे. लेकिन उन्होंने बॉलिंग के मुकाबले बल्लेबाजी को ज्यादा तरजीह दी. इस अभिनेता ने एक चैट शो में कहा था, ‘मेरे कप्तान को मेरी गेंदबाजी पसंद थी. मुझे नहीं पता ऐसा क्यों. मैं जब कभी गेंदबाजी करता था तो विकेट झटकने में सफल रहता था. Also Read - इन चार कारणों की वजह से स्थगित हुआ IPL 2021; क्यों भारत में UAE जैसा सफल आयोजन नहीं कर सकी BCCI?

अपने टैलेंट के बूते इरफान सीके नायडू अंडर-23 टूर्नामेंट के लिए टीम में जगह बनाने में सफल हो गए. लेकिन उनके पास उस समय पैसे नहीं थे जिसकी वजह से उन्हें क्रिकेट का त्याग करना पड़ा.

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि ‘मैं क्रिकेटर बनना चाहता था. मैं एक ऑलराउंडर था. जब सीके नायडू टूर्नामेंट के लिए मुझे चुना गया था तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था, मुझे जयपुर से अजमेर जाना था और मुझे 200-250 रुपये की जरूरत थी लेकिन उस वक्त मैं इतने रुपयों का इंतजाम नहीं कर पाया. मैं नहीं जानता था कि कौन मेरी मदद कर सकता है. उसी दिन मैंने क्रिकेट से खुद को दूर करने का फैसला लिया’.

कामरान अकमल को क्यों याद आए सचिन तेंदुलकर, MS Dhoni और विराट कोहली, जानें पूरी डिटेल

बॉलीवुड के साथ-साथ हॉलीवुड में अपनी कामयाबी का डंका बजा चुके इस सफल अभिनेता की फिल्में जैसे पीकू, द लंचबॉक्स, स्लमडॉग मिलेनियर, मकबूल और इंफेर्नों आदि हैं. इरफान की आखिरी फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ थी, जो इस साल (2020) की शुरुआत में रिलीज हुई थी.