आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक पर बनी हुई भारतीय टेस्ट टीम की बादशाहत के पीछे टीम इंडिया के शानदार तेज गेंदबाजी अटैक का बड़ा हाथ हैं। इशांत शर्मा, उमेश यादव, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह जैसे घातक गेंदबाजों से सजा भारतीय पेस अटैक फिलहाल दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है, जिसके पीछे का एक कारण है इन खिलाड़ियों को लगातार मौके मिलना, ऐसा मानना है कि तेज गेंदबाज इशांत शर्मा का।

भारतीय टेस्ट टीम के सीनियर तेज गेंदबाज इशांत का कहना है कि पहले भारतीय पेस अटैक निरंतरता हासिल नहीं कर पाया क्योंकि टीम कॉम्बिनेशन में लगातार बदलाव होते रहे जिससे तेज गेंदबाजों के बीच सामंजस्य नहीं बन पाया।

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हैदराबाद के खिलाफ रणजी मैच के बाद दिल्ली के इस खिलाड़ी ने कहा, “हमें काफी गर्व है कि हमारे तेज गेंदबाज दबाव डाल रहे है। जब शमी और उमेश आए थे तो हमारे अटैक के पास अनुभव नहीं था। इसलिए हम तालमेल में विकेट नहीं ले पाते थे। अब हम अपने अनुभव को बांटते हैं। केवल मैं नहीं बल्कि दूसरे भी पिच और स्थिति को लेकर अपना फीडबैक देते हैं।”

इशांत ने आगे कहा, “हमारे बीच संवाद पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हो गया है। पहले हम एक दूसरे को ठीक से जानते भी नहीं थे, इसलिए बात करने से हिचकिचाते थे लेकिन अब संवाद का स्तर काफी अच्छा है। पहले तेज गेंदबाजों को काफी रोटेट किया जाता था। ये भी एक कारण है कि हम एक अटैक के तौर पर निरंतरता हासिल नहीं कर पाते थे।”

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उन्होंने कहा, “अगर आपको पता है कि आपके पास 3-4 तेज गेंदबाजों का पूल है तो उससे संवाद बढ़ता है। पहले हमारे पास 6-7 गेंदबाज थे और उनमें संवाद नहीं था।”

राहुल द्रविड़ और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेले इंशात को भारतीय टीम में खेलते हुए 12 साल हो चुके हैं लेकिन उनके करियर का सबसे अच्छा समय अब विराट कोहली की कप्तानी में आया है।

इस पर उन्होंने कहा, “धोनी के समय में हम से कई खिलाड़ियों के पास ज्यादा अनुभव नहीं था लेकिन जब विराट ने कप्तानी संभाली, तब तक हम सभी को अच्छा खासा अनुभव मिल चुका था और इससे मदद मिली।”

इशांत ने फिरोजशाह कोटला में खेले गए राउंड 3 रणजी मैच में हैदराबाद में कुल 8 विकेट चटकाए। जिसके दम पर दिल्ली ने हैदराबाद को 7 विकेट से हराया। हालांकि प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब शतकीय पारी खेलने वाले शिखर धवन को मिला।