साल 2007 में भारतीय टेस्ट टीम के लिए डेब्यू करने वाले इशांत शर्मा (Ishant Sharma) आखिरकार अपने करियर में उस मुकाम पर पहुंच गए हैं, जहां वो बिना किसी दबाव के अपने खेल का लुत्फ उठा पा रहे हैं।Also Read - सड़क किनारे मोनालिसा के पति संग रोमांस करती नज़र आईं पाखी हेगड़े, 'मझधार' में ढूंढ रही है किनारा

‘ओपन नेट्स विद मयंक’ पोडकास्ट पर मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) से बात करते हुए इशांत ने कहा, ‘‘मैं अपने करियर के उस पड़ाव में हूं जहां मैं अपने क्रिकेट का मजा ले रहा हूं और जितना मैं इसका लुत्फ उठाता हूं, उतना ही क्रिकेट बेहतर होता है। मैं टीम के लिए और ज्यादा विकेट लूंगा और मैचों में जीत दिलाऊंगा, जब तक आप लोग मुझे उकसाकर बैन नहीं करवा देते।’’ Also Read - Viral Video: खाना खिलाने गए शख्स पर ही मगरमच्छ ने कर दिया अटैक, होश उड़ा देगा ये वीडियो

पिछले सीजन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली ऐतिहासिक जीत में इशांत की अहम भूमिका रही थी। भारत के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजी अटैक के गेंदबाजों में से एक इशांत ने कहा कि वो आज भी उस उपलब्धि का आनंद उठाते हैं। Also Read - Budget 2022: अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ा सकती है केंद्र सरकार, रियायतों की संभावना कम

उन्होंने कहा, ‘‘मैं 2007-08 से ऑस्ट्रेलिया के दौरों पर रहा हूं और मैं जानता हूं कि यह कितना कठिन होता है। इतने सालों तक ये सुनने के बाद कि हम ऑस्ट्रेलिया में नहीं जीतते, आपके अंदर जीतने का उत्साह होता है।”

जब अग्रवाल ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान के लिए मशहूर चेहरे के भाव के बारे में पूछा तो सीनियर तेज गेंदबाज ने कहा कि इसका एकमात्र लक्ष्य स्टीव स्मिथ की लय बिगाड़ना था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं बस स्टीव स्मिथ की लय बिगाड़ने की कोशिश कर रहा था। हम जानते थे कि अगर हम वो विकेट हासिल कर लेते हैं तो हमारे पास जीतने का मौका होगा। विराट को आक्रामकता से गुरेज नहीं है। वह आक्रामक कप्तान है और वह सिर्फ एक चीज कहता है कि ‘बस मुझे विकेट दिलाओ लेकिन ध्यान रखो कि प्रतिबंधित नहीं हो।’’