टीम इंडिया के एक ऐसे गेंदबाज का आज जन्मदिन है जो अपने करियर के सबसे अच्छे दौर से गुजर रहा है. जी हां… हम बात कर रहे हैं ईशांत शर्मा (ishant sharma) की. टीम इंडिया के मुख्य टेस्ट गेंदबाज ईशांत शर्मा आज 31 साल के हो गए. ईशांत का जन्म दिल्ली में हुआ था और वो खांटी दिल्ली वाले हैं. उन्होंने घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया है.

ईशांत के क्रिकेट करियर की बात करें तो वह एक रोलर कोस्टर की तरह रहा है. वो कब वनडे से टेस्ट टीम का हिस्सा बन गए, पता ही नहीं चला. टीम में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोर मेहनत करते इस खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा से सबको बता दिया के वो महज टेस्ट मैच के ही नहीं, टी-20 के लिए भी उतने ही घातक हैं. इसका एक नमूना मौजूदा टेस्ट सीरीज में देखने को मिल रहा है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच और चल रहे दूसरे टेस्ट मैच में 6 फुट चार इंच लंबे ईशांत ने अपना जलवा बिखेर दिया है.

जमैका में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन ईशांत शर्मा ने पहली पारी में कैरेबियाई खिलाड़ी जाहमार हेमिल्टन (5) को आउट करते ही पूर्व महान खिलाड़ी व 1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव को पीछे छोड़ दिया. इसके साथ ही वो विदेशी धरती पर भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं. यही नहीं, चल रहे टेस्ट मैच में ईशांत ने अपने करियर का पहला अर्धशतक भी जड़ दिया है.

कप्तान कोहली के साथ शुरू किया था करियर
ईशांत के करियर की तरफ एक नजर डालें तो उन्होंने अपना टेस्ट करियर 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में शुरू किया था. इसके बाद 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला था. सबसे इंटरेस्टिंग बात तो ये है कि ईशांत ने अपना फर्स्ट क्लास और रणजी करियर कप्तान विराट कोहली के साथ साल 2006 में शुरू किया था, मगर आज भी लोग उन्हें धोनी लॉबी के खिलाड़ी मानते हैं. इशांत ने अपने अब तक के टेस्ट करियर में सबसे बेस्ट परफॉरमेंस लॉर्ड्स के मैदान में इंग्लैंड के खिलाफ दिया था. उन्होंने 74 रन देकर सात विकेट लिए थे.

वक्त रहते इस तेज गेंदबाज ने अपने रिकॉर्ड को संभालना शुरू कर दिया है. उन्होंने 80 वनडे में 5.72 की इकोनॉमी से 115 विकेट लिए हैं जबकि 14 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में वे 8 विकेट ले चुके हैं. अगर टेस्ट मैच की बात करें तो इस सीरीज से पहले उन्होंने 91 मैचों की 125 पारियों में 646 रन बनाए हैं. जमैका में चल रहे दूसरे टेस्ट मैच में ईशांत ने फिफ्टी लगा कर टीम में खुद को और पक्का कर लिया है.

ईशांत शुरू से ही चर्चा का विषय बनते रहे. मैदान के अंदर और बाहर भी उनकी बातें खूब होती है. करियर के दूसरी अंतराष्ट्रीय दौरे में जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में गेंद को दोनों तरफ लहराने का हुनर दिखाया तब भारतीय टीम के चयनकर्ताओं के सामने एक नया विकल्प तैयार होने लगा था. कहा जाता है कि कुछ सालों बाद ईशांत अपनी गति खोने लगे थे जिसकी वजह से उन्हें लंबे समय तक टीम से बाहर रहना पड़ा. 2013 तक उन्होंने 50 टेस्ट मैच खेल लिए थे.

अकेले दम पर दिलायी थी जीत
जब कभी ईशांत की गेंदबाजी की बात होती है तो जहन में सबसे पहले लॉर्ड्स के मैदान में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया मैच याद आता है. अकेले दम पर भारतीय टीम को जीताने वाले गेंदबाज ने इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 200 विकेट का आंकड़ा पार कर लिया था. बावजूद इसके ईशांत उसके बाद भी भारतीय वनडे और टी-20 टीम का हिस्सा नहीं बन सकें.

साल 2018 भी ईशांत के लिए अच्छा रहा था. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 8 विकेट, इंग्लैंड में 18 विकेट, और ऑस्ट्रेलिया में 11 विकेट ले कर टीम में अपनी जगह को मजबूत करने में कामयाब रहें. इसी के साथ-साथ ईशांत ने साल 2019 के आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया था.

इस 12 साल के करियर में ईशांत ने कभी स्थिरता नहीं देखी है. आज एक ऐसा दौर है जहां भारतीय क्रिकेट टीम में गेंदबाजों का भरमार है जो खुद को साबित भी कर रहें हैं. इन सब के बीच टीम में अपनी जगह बनाना बहुत मुश्किल तो है मगर इशांत ने अपनी गेंदबाजी से खुद को साबित कर दिया है.