भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) का कहना है कि जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah), उमेश यादव (Umesh Yadav), इशांत शर्मा (Ishant Yadav), मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) और भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) युवा खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बनते जा रहे हैं। जिसके भारत में तेज गेंदबाजों की पूरी पीढ़ी प्रेरित और प्रभावित हो रही है। Also Read - IPL 2021, MI vs SRH: न्यूजीलैंड के स्टार गेंदबाज Trent Boult ने Jasprit Bumrah को बताया ‘डेथ ओवरों’ का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज

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ईएसपीएक्रिकइंफो को दिए इंटरव्यू में भारत ए और अंडर-19 टीम के कोच ने कहा, “हमारे पास अंडर-19 क्रिकेट टीम में हर साल अच्छे तेज गेंदबाज आ रहे हैं। पिछले बार हमारे पास कमलेश नागरकोटि, शिवम मावी और इशान पॉरेल थे। इस साल भी आपको इस टीम में कुछ अच्छे तेज गेंदबाज देखने को मिलेंगे। जब आपके सामने रोल मॉडल्स और सीनियर खिलाड़ी होते हैं…..मुझे लगता है कि इशांत, शमी, उमेश, भुवनेश्वर और बुमराह इस युवा पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बनते जा रहे हैं, जिन्हें ये विश्वास हो गया है कि वो भी तेज गेंदबाज बन सकते हैं।” Also Read - IPL 2021 में Jasprit Bumrah को आई अपनी पत्नी संजना गणेशन की याद, लिखी यह दिल जीतने वाली बात

बीसीसीआई के नेशनल क्रिकेट अकादमी के डॉयरेक्टर द्रविड़ ने कहा, “उन्हें विश्वास हो गया कि वो तेज गेंदबाजी कर सकते हैं और भारत में सफल हो सकते हैं। ये देखना अच्छा है। जाहिर तौर पर पहले हमारे पास कपिल देव, जवागल श्रीनाथ, जहीर खान थे लेकिन एक समूह के तौर पर मुझे लगता है कि ये सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी अटैक है। मुझे लगता है कि ये काफी सारे युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम कर रहा है।”

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जहां द्रविड़ भारतीय टीम के मौजूदा पेस अटैक और तेज गेंदबाजों की भावी पीढ़ी को देखकर खुश हीं, वहीं स्पिनर गेंदबाजों को लेकर उन्हें चिंता है। द्रविड़ का कहना है कि टी20 फॉर्मेट की बढ़ती लोकप्रियता के बीच स्पिन गेंदबाजों के लिए लाल गेंद से सफेद गेंद के क्रिकेट के लिए अपने खेल में बदलाव करना मुश्किल हो गया है।

पूर्व कप्तान ने कहा, “स्पिन ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। हमारे देश में कई अच्छे स्पिनर हैं, मुझे गलत ना समझें। लेकिन टी20 क्रिकेट और बाकी घरेलू टूर्नामेंट की वजह से सीमित ओवर फॉर्मेट क्रिकेट की बढ़ती मात्रा के कारण युवा स्पिन गेंदबाजों के लिए संतुलन ढूंढना मुश्किल हो गया है। ये उन चुनौतियों में से एक हैं जिनका हम अंडर-19 स्तर पर सामना करते हैं: युवा स्पिनर्स के लिए लाल और सफेद गेंद के क्रिकेट में संतुलन बनाना।”

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द्रविड़ ने आगे कहा, “हमारे पास कई अच्छे स्पिनर हैं लेकिन अंडर-19 क्रिकेट से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में जाने का सफर मेरे अनुभव से बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों के लिए आसान होता है। स्पिन गेंदबाजों से लिए ये उतना आसान नहीं होता। इसलिए हमें इस पर काम करते रहना होगा।”