टोक्यो ओलंपिक खेलों (Tokyo Olympic 2020) में इजराइल के पास एकमात्र गोल्ड मेडल है, जो उसे जिम्नास्ट में हासिल हुआ है. इजराइल के लिए यह मेडल यूक्रेन में जन्में आर्टम दोलगोपायट (Artem Dolgopyat) ने दिलाया है. इजराइल का टोक्यो ओलंपिक में यह एकमात्र गोल्ड मेडल है. पूरा इजराइल उन्हें अपना नेशनल हीरो मान रहा है. लेकिन देश के रूढ़िवादी कानून के तहत इजराइल अपने इस नागरिक को यहूदी नहीं मान रहा है और इसके चलते वह अपनी यहूदी महिला मित्र से शादी भी नहीं कर पा रहे हैं.Also Read - कोविड की वजह से टोक्यो ओलंपिक के स्थगित होने से मुझे अपना खेल सुधारने में मदद मिली: नीरज चोपड़ा

जब इजराइल अपने इस जिम्नास्ट (Israel Gymnast Artem Dolgopyat Love Story) द्वारा गोल्ड जीतने की कामयाबी का जश्न मना रहा था तब उनकी मां ने कहा कि देश के रूढ़िवादी कानून के अंतर्गत उनके बेटे को यहूदी नहीं माना जाता है. इस कानून के चलते उन्हें अपनी महिला मित्र से शादी करने की इजाजत भी नहीं मिलेगी. इजराइल में इस मुद्दे पर बहस जरूर छिड़ गई है. लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिलने का कोई चांस नहीं है. Also Read - फिलहाल खेल पर ध्यान देना चाहता हूं, बायोपिक के लिए वक्त नहीं : नीरज चोपड़ा

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दोलगोपायट की मां ने कहा, ‘सरकार उनके बेटे को यह शादी करने की अनुमति नहीं देगी.’ उनके इस बयान के बाद ही बहस छिड़ी क्योंकि इजराइल के ‘घर वापसी’ के नियम के अनुसार जिसके भी दादा-दादी या नाना-नानी में कोई भी एक यहूदी होगा, उसे ही इजराइली नागरिकता दी जाएगी. बता दें ओलंपिक इतिहास में इजराइल को गोल्ड मेडल दिलाने वाले आर्टम दोलगोपायट (Artem Dolgopyat) दूसरे ओलंपियन हैं.

दोलगोपायट (Artem Dolgopyat) के पिता यहूदी हैं लेकिन मां नहीं. यहूदी धार्मिक कानूनों के अनुसार ‘हलाचा’ (What is Halacha) के तहत किसी को यहूदी तभी माना जाएगा, जबकि उसकी मां यहूदी हो.

इस धार्मिक कानून के कारण पूर्व सोवियत संघ के देशों से लौटे हजारों लोगों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है. वे इजराइल में रहते हैं, यहां की सेना में काम करते हैं लेकिन शादी और अंतिम संस्कार जैसे यहूदी रीति रिवाजों में हिस्सा नहीं ले सकते.

दोगलोपायट की मां ने कहा कि उनका बेटा और उसकी महिला मित्र पिछले तीन वर्षों से साथ में रहते हैं लेकिन शादी नहीं कर सकते. ओलंपिक चैंपियन ने हालांकि इस विवाद को तूल नहीं देने की कोशिश की. उन्होंने टोक्यो में पत्रकारों से कहा, ‘ये चीजें मेरे दिल में हैं. इस पर अभी बात करना सही नहीं है.’

(इनपुट: भाषा)