दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज टेंबा बावुमा ने कहा है कि भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन बड़ी पारी नहीं खेलने का उन्हें मलाल है क्योंकि निचले क्रम के खिलाड़ियों ने बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करते हुए शतकीय साझेदारी निभा ली.

‘मैं हताश नहीं होता और होना भी नहीं चाहता क्योंकि मैं दोबारा गेंदबाजी करने से खुश हूं’

वर्नोन फिलेंडर (नाबाद 44) और केशव महाराज (72) जैसे निचले क्रम के खिलाड़ियों ने पुणे स्टेडियम की ऐसी पिच पर अच्छी बल्लेबाजी की जिस पर दिग्गज खिलाड़ी नहीं चल सके.

इसके बारे में बावुमा ने कहा, ‘देखिए शीर्ष क्रम का खिलाड़ी होने के नाते हमारा काम ज्यादा से ज्यादा रन बटोरना है लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों को बड़ी पारी खेलते हुए देखकर दुख होता है. इससे आपके अहं को ठेस पहुंचती है कि निचले क्रम ने अच्छी बल्लेबाजी की.’

फिलेंडर और चोटिल महाराज ने नौवें विकेट के लिए 119 रन की साझेदारी की. दोनों ने संभलकर खेलते हुए ढीली गेंदों पर ही रन लिए. दोनों जिस समय क्रीज पर आए, दक्षिण अफ्रीका का स्कोर आठ विकेट पर 152 रन था. दोनों 43 . 1 ओवर तक क्रीज पर डटे रहे.

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महाराज ने अपनी पारी में 12 चौके लगाए लेकिन वह कंधे पर लगी चोट के कारण कराहते दिखे. आखिर में अश्विन की गेंद पर वह लेग स्लिप में रोहित शर्मा को कैच देकर लौटे.

उन्होंने कहा, ‘हमें अब दूसरी पारी में अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी. हमें बल्ले से दबदबा बनाना होगा जैसा कि भारत ने किया है.’