Suresh Raina-MS Dhoni Friendship: टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना ने कहा कि उन्हें लोगों की उन बातों को सुनकर काफी दुख होता है, जब वे कहते हैं कि भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) के साथ खास दोस्ती है. इसी दोस्ती के चलते वह इतने लंबे समय तक टीम इंडिया में खेल पाए. इस बात में दोराय नहीं कि रैना और धोनी की आपस में बॉन्डिंग काफी खास है. लेकिन धोनी ने उन्हें कभी टीम में चुने जाने के लिए फेवर नहीं किया. रैना हमेशा ही अपनी मेहनत के बल पर भारतीय टीम में चुने गए.Also Read - …बड़े दिल वाले हैं MSD, इरफान पठान बोले-अपनी इगो एक तरफ छोड़कर जडेजा को बनाया सबसे महंगा खिलाड़ी

बता दें 34 वर्षीय रैना ने बीते साल 15 अगस्त को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. उन्होंने और धोनी ने एक साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा. दोनों खिलाड़ी आईपीएल में भी चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक साथ खेलते हैं. Also Read - IPL 2022 Retention List: MS Dhoni से ज्यादा 'जूनियर' को मिलेंगे पैसे, जानिए कौन हैं सबसे महंगे कप्तान?

रैना ने साल 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी बार टीम इंडिया के लिए टी20 क्रिकेट खेला था. इसके बाद से उन्हें भारतीय टीम में वापसी का मौका नहीं मिला तो उन्होंने क्रिकेट से संन्यास का फैसला ले लिया. Also Read - IPL 2022 Retentions Updates: IPL में Virat Kohli की कम हुई कीमत, इस बार सिर्फ 15 करोड़ रुपये में हुए रिटेन

रैना ने हाल ही में अपनी ऑटोबायोग्राफी, ‘बीलीव: व्हाट लाइफ एंड क्रिकेट टॉट मी’ में अपने अच्छे बुरे पलों को याद किया है. इस किताब में उन्होंने इस बात पर अपना पक्ष रखा है कि लोग उनके टीम इंडिया में खेलने की वजह धोनी से दोस्ती बताते हैं.

रैना ने लिखा, ‘ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि मैं धोनी के दोस्ती के चलते टीम इंडिया में इतने समय तक खेला. मैं सिर्फ और सिर्फ अपनी कड़ी मेहनत और प्रदर्शन के बल पर टीम इंडिया में खेल पाया.’

उन्होंने लिखा, ‘धोनी यह जानते थे कि मुझसे किस तरह बेहतर परफॉर्मेंस निकलवानी है और मैं भी उनमें पूरा भरोसा करता था. जब लोग ऐसी बातें करते हैं कि धोनी से दोस्ती के चलते मैं टीम इंडिया में खेला तो इससे दिल बहुत दुखता है. मैंने टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने के लिए हमेशा कड़ी मेहनत की है. मेहनत से ही मैंने धोनी का विश्वास और सम्मान जीता.’

बता दें रैना ने अपने 13 साल लंबे इंटरनेशनल करियर में भारत के लिए 18 टेस्ट, 226 वनडे और 78 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले. इस दौरान उन्होंने कुल 7988 रन बनाए, जिनमें 6 शतक भी शामिल हैं. उन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक अपने बनाए.