खेल मंत्री किरण रिजिजू के ओलंपिक खेलों के बारे में चर्चा ना करने के बयान के बीच भारतीय बैडमिंटन टीम कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा है कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए टोक्यो ओलंपिक खेल स्थगित कर देने चाहिए। कोरोना वायरस की वजह दुनिया भर में क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस की कई बड़ी प्रतियोगिताएं स्थगित कर दी गई हैं लेकिन ओलंपिक को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। Also Read - भारतीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कोरोना के खिलाफ जंग में किया योगदान

गोपीचंद ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे ओलंपिक को लेकर संदेह है। इनके आयोजन में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। तैयारियां अभी से शुरू होनी चाहिए थी। इसलिए आईओसी को अभी फैसला करना होगा जिससे हर कोई राहत की सांस ले सके। मेरा मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में सारी दुनिया अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के बारे में सोच रही है, इसलिए परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए ओलंपिक खेलों को स्थगित करना ही बेहतर होगा।’’ Also Read - IOC ने टोक्‍यो ओलंपिक क्वालिफिकेशन की नई तारीखों का किया ऐलान

विश्व एथलेटिक्स संस्था : ओलंपिक हो सकते हैं स्थगित

विश्व एथलेटिक्स संस्था के प्रमुख सेबेश्चियन ने माना कि कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के कारण टोक्यो ओलंपिक को स्थगित किया जा सकता है लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि निश्चित फैसला करने के लिये यह जल्दबाजी होगी। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थामस बाक ने इस हफ्ते के शुरू में कहा था कि उनका लक्ष्य इन खेलों को 24 जुलाई से ही शुरू करने का ही होगा। Also Read - पहलवान बजरंग पूनिया का टोक्यो ओलंपिक में टॉप-4 में वरीयता मिलना तय, वर्ल्ड रैंकिंग में दूसरे नंबर पर कायम

टोक्यो ओलंपिक समन्वयक आयोग के सदस्य को ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया कि देरी संभव है। जब को से पूछा गया कि खेलों को सितंबर या अक्टूबर तक स्थगित किया जा सकता है तो उन्होंने कहा, ‘‘ये संभव है, इस समय कुछ भी संभव है। लेकिन मुझे लगता है कि खेल ऐसी स्थिति में आ गये हैं और उस दिन आईओसी ओर अन्य महासंघों के साथ बातचीत में जो माहौल था, उसे देखते हुए कोई भी ऐसा नहीं कह रहा था कि कुछ भी हो हमें खेलों का आयोजन करना ही है। लेकिन ये ऐसा फैसला नहीं है कि इसे इसी समय करना होगा।”