बीते कुछ वर्षों में खिलाड़ियों ने मानसिक थकान (Mental Health Issue) का हवाला देते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट से ब्रेक लिया है. इससे दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी विस्फोटक बल्लेबाज डेविड मिलर (David Miller) भी सहमत हैं.

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मिलर ने मानसिक स्वास्थ्य पर गौर करने की जरूरत पर जोर देकर कहा कि व्यस्त कार्यक्रम के कारण खेल से ब्रेक लेना बेहद महत्वपूर्ण है.

इस वर्ष विश्व कप, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और भारत दौरे के साथ काफी व्यस्त रहे मिलर ने अपनी एकाग्रता वापस हासिल करने के लिए हाल में ब्रेक लिया.

स्पोर्ट्स24 डॉट को डॉट जेडए ने मिलर के हवाले से कहा, ‘पिछले कुछ महीनों में मैंने कुछ समय का ब्रेक लिया. मैं हाल में क्रूगर राष्ट्रीय पार्क गया जिससे कि खेल की व्यस्तता से दूर रह सकूं.’

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उन्होंने कहा, ‘यह बेहद महत्वपूर्ण है कि अपने करियर के दौरान आप अपनी मानसिक स्थिति का ध्यान रखें और यह ऐसी चीज है जिस पर आगे बढ़ते हुए मैं और अधिक ध्यान दूंगा.’

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स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) और ऑस्ट्रेलिया ए के निक मैडिनसन (Nick Maddinson) के बाद 21 वर्षीय विल पुकोवस्की (Will Pukovski) ने मानसिक दवाब महसूस करने के चलते पाकिस्तान के खिलाफ डेब्यू सीरीज से खुद को अलग कर लिया. पुकोवस्की को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में चुना जा सकता था. मगर उसके पहले ही पोकोवस्की ने यह फैसला लेकर सभी को चौंका दिया.

गौरतलब है कि यही सवाल एक दिन पहले टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) से भी पूछा गया था क्योंकि कोहली ने हाल में बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 सीरीज से ब्रेक लिया था. इसके जवाब में कोहली ने अपने 2014 इंग्लैंड के दौरे को याद करते हुए कहा था कि उस समय उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करें क्योंकि वो बल्ले से लगातार असफल हो रहेे थे.