नई दिल्ली. T20 सीरीज के पहले मुकाबले में हार के बाद इंग्लैंड की टीम की हवाईयां उड़ी है. उसे समझ नहीं आ रहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत का सिलसिला टीम इंडिया के मोर्चे पर कैसे ठंडा पड़ गया. बहरहाल, ये तो जो हुआ सो हुआ लेकिन अब उसके दो तेज गेंदबाजों को टीम इंडिया से मुकाबले का लाइसेंस तभी मिलेगा जब वो फिटनेस के पैमाने पर खरे उतरेंगे. जी हां, हम बात कर रहे हैं जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड की, जो फिलहाल इंजर्ड हैं और टीम इंडिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड की टीम में जगह बनाने को बेताब हैं. लेकिन, इनकी ये बेताबी तभी दूर होगी जब ये पूरी तरह से खुद को मैच फिट साबित करेंगे. Also Read - England vs Pakistan 2nd Test : बारिश से प्रभावित मैच में 126 रन पर पाक की आधी टीम पवेलियन लौटी

Also Read - England vs Pakistan 2nd Test : कप्तान अजहर अली भी सस्ते में लौटे पवेलियन, टी तक पाक का स्कोर 85/2

भारत से हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान ने कबूला ‘सच’, ‘कुलदीप यादव से डर लगता है’ Also Read - England vs Pakistan 2nd Test : शुरुआती झटके से उबरा पाकिस्तान, लंच तक स्कोर 62/1

फ्रेंडली मैच में खेलेंगे एंडरसन

लंकाशायर ने खासकर एंडरसन के लिए एक 3 दिन का फ्रेंडली मैच रखा है जो कि 15 जुलाई से शुरू होगा. हालांकि, पहले ये कयास थे कि एंडरसन वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 दिन का मैच सरे काउंटी के लिए खेलेंगे लेकिन अब जबकि लंकाशायर ने सेकेंड टीम गेम की व्यवस्था की है तो एंडरसन को वेस्टइंडीज के खिलाफ नहीं खेलना पड़ेगा.

चैम्पियनशिप में खेलेंगे ब्रॉड

इंग्लैंड के दूसरे तेज गेंदबाज और एंडरसन के जोड़ीदार स्टुअर्ट ब्रॉड की एंकल इंजरी के थर्ड स्कैन की रिपोर्ट भी क्लीयर है और वो रोजेज चैम्पियनशिप में 22 जुलाई को नॉटिंघमशायर के लिए खेलते दिखेंगे. ब्रॉड को अपनी इंजरी से उबरने के लिए इंजेक्शन का सहारा लेना पड़ा है.

इंग्लैंड के खिलाफ धोनी के ‘धमाके’ ने पाकिस्तान को रुलाया!

टीम इंडिया के खिलाफ खेलना होगा चैलेंज

बता दें कि कंधे की चोट की वजह से एंडरसन को 6 हफ्ते का आराम दिया गया था वहीं ब्रॉड का एंकल नॉटिंघमशायर के लिए खेले चैम्पियनशिप के आखिरी मैच में चोटिल हुआ था. भारत के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में ये दोनों गेंदबाज इंग्लैंड की अहम कड़ी होंगे. लेकिन, उससे पहले एंडरसन और ब्रॉड दोनों को मैच फिट होने का प्रमाण देना होगा. अगर ये दोनों फिटनेस टेस्ट में पास हुए तो इनके सामने 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत के खिलाफ बेहतर करने का चैलेंज होगा.