नई दिल्ली. कहते हैं खामोशी आने वाले तूफान का संकेत होती है. ऐसा ही एक तूफान वेस्टइंडीज ने भी देखा. ये तूफान था इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का. बारबाडोस टेस्ट की पहली पारी में जब एंडरसन के विकेट लेने का इंतजार 342 गेंदों के बाद जाकर खत्म हुआ तो उसे तूफान में बदलते देर नहीं लगी. एंडरसन के तूफान की बात करें उससे पहले उस विकेट के बारे में जान लेते हैं जिसने आखिरकार उनके विकेटों के सूखे को खत्म किया. बारबाडोस टेस्ट में एंडरसन ने शाइ होप के विकेट को लेकर अपने विकेटों के इंतजार पर विराम लगाया. टेस्ट क्रिकेट में ये पिछली 342 गेंदों के फेंकने के बाद एंडरसन को मिला पहला विकेट था. इससे पहले आखिरी बार विकेट उन्होंने पिछले साल नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले पहले टेस्ट में लिया था.

342 गेंदों बाद किया होप का शिकार

अब बढ़ते हैं एंडरसन के मचाए उस तूफान की ओर जिसने बारबाडोस की पिच पर सरपट दौड़ रही वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी पर ब्रेक लगा दिया. दरअसल, शाइ होप के जिस विकेट के साथ एंडरसन ने अपना सूखा खत्म किया वो तो बस ट्रेलर था. फिल्म तो आगे देखने को मिली, जिसने वेस्टइंडीज को 4 विकेट पर 240 रन के योग से 8 विकेट पर 264 रन तक पहुंचाने में अहम किरदार निभाया. यानी, अगले 24 रन के भीतर कैरेबियाई टीम के 4 और बल्लेबाज पवेलियन लौट गए.

बारबाडोस टेस्ट के पहले दिन एंडरसन ने 24 ओवर में 33 रन देकर 4 विकेट लिए. इस दौरान उन्होंने 12 मेडन फेंके और उनकी इकॉनोमी 1.38 की रही.

कमाल की बात ये रही कि एंडरसन ने चारों विकेट अपने आखिरी के 12 ओवर में चटकाए यानी पहले 14 ओवर में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. एंडरसन के इस प्रदर्शन की जमकर सराहना हो रही है और होनी भी चाहिए क्योंकि 36 साल में इतना दमखम आसान नहीं है.

बारबाडोस टेस्ट के पहले दिन 4 विकेट चटकाने वाले जेम्स एंडरसन ने इस दौरान एक खास रिकॉर्ड को भी अंजाम दिया है. वो इंग्लैंड के बाहर 200 टेस्ट विकेट लेने वाले पहले इंग्लिश गेंदबाज बन गए हैं. यानी, एंडरसन अब सिर्फ इंग्लैंड के ऑलटाइम हाईएस्ट विकेटटेकर ही नहीं बल्कि इंग्लैंड के बाहर भी इस मामले में अपने हमवतनों पर बीस हैं.