नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर उपजे विवाद में बॉलीवुड के बाद अब क्रिकेट जगत से जुड़े नामों की तरफ से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. क्रिकेटर इरफान पठान के बाद अब कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का बयान भी सामने आया है. आकश चोपड़ा का मानना है कि डंडे के जोर पर छात्रों की आवाज को दबाने से छात्र भारत के खिलाफ हो जाएंगे.

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नागरिकता संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद से ही नॉर्थ-ईस्‍ट के शहरों में इसे लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शनों का दौर चल रहा था. रविवार को राजधानी दिल्‍ली में भी उस वक्‍त प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया जब जामिया मिलिया इस्‍लामियां यूनिवर्सिटी के छात्रों ने कथित तौर पर डीटीसी की बसों में आग लगा दी.

भारत के लिए 10 टेस्‍ट खेलने वाले कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने अपने ट्विटर पर लिखा, “देश भर के शैक्षिक संस्थानों से आ रही तस्वीरें बेहद तकलीफदेह हैं. आंखों में आंसू हैं. वे हमारे में से एक हैं. ये बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं. बलपूर्वक उनकी आवाज कुचलकर हम भारत को महान नहीं बना पाएंगे. आप सिर्फ उन्हें भारत के खिलाफ कर दोगे.”

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दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया पर पुलिस की कार्रवाई और संशोधित नागरिकता कानून को लेकर नाराजगी सोमवार को देश के कई शैक्षिक संस्थानों में दिखी और केरल से पश्चिम बंगाल और तेलंगाना से उत्तर प्रदेश तक विरोध प्रदर्शन हुए.

जामिया मिलिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में आंसू गैस के इस्तेमाल और विश्वविद्यालय के अधिकारियों की स्वीकृति के बिना पुलिस के परिसर में घुसने की जांच को लेकर हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए.