साल 2019-20 घरेलू सीजन में सौराष्ट्र को पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जिताने वाले कप्ताव जयदेव उनादकट अब भारतीय टेस्ट टीम में वापसी करना चाहते हैं। उनादकट ने रणजी ट्रॉफी 2019-20 सीजन में 10 मैचों में 67 विकेट लिए थे और टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे। गौरतलब है कि ये तेज गेंदबाज भारत के लिए आजतक केवल एक ही टेस्ट मैच खेल पाया है। Also Read - WTC Final 2021 India Playing XI Selection: आपसी मैच में चमके ये खिलाड़ी, सिलेक्शन की माथापच्ची शुरू

अपनी आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स के साथी ईश सोढ़ी के साथ फ्रेंचाइजी के फेसबुक पेज पर बात करते हुए उनादकट ने कहा, “मैं लाल गेंद से गेंदबाजी करना पसंद करता हूं। मुझे एक टेस्ट मैच खेलने के बाद दूसरा मैच खेलने का मौका नहीं मिला इसलिए ये बात मेरे दिमाग में चलती रहती है। इस समय हालांकि भारतीय टीम में प्रतिद्वंद्विता काफी कड़ी है। मैं कह सकता हूं कि अभी तक सबसे मजबूत।” Also Read - BCCI ने नहीं छोड़ी है टी20 विश्‍व कप भारत में आयोजित कराने की आस, 28 जून तक लेना है फैसला

उनादकट के लिए टेस्ट टीम में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि फिलहाल भारतीय टीम का तेज गेंदबाजी अटैक विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं। इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार वाले इस अटैक की बदौलत ही टीम इंडिया में ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती थी। Also Read - Virat Kohli ने इंटर-स्‍क्‍वाड मैच में की इन-स्विंग गेंदबाजी, असमंजस में दिखे बल्‍लेबाज KL Rahul

भारत के लिए टेस्ट खेलने की चाहत रखने वाले उनादकट ने बाकी फॉर्मेट को भी महत्व दिया क्योंकि वो खुद पर किसी एक फॉर्मेट के स्पेशलिस्ट खिलाड़ी का लेबल नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हाल के दिनों में सीमित ओवर फॉर्मेट मेरी ताकत रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में किसी एक फॉर्मेट का विशेषज्ञ नहीं बनना चाहता हूं बल्कि में विविधता वाला गेंदबाज बनना चाहता हूं क्योंकि मैं सभी फॉर्मेट खेलना चाहता हूं।”