सेंचुरियन टेस्ट में चार विकेट लेने वाले दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज वर्नान फिलेंडर ने जोफ्रा आर्चर नो बॉल मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। फिलेंडर का कहना है कि इस मामले में अंपायर्स को ये फैसला लेना होगा कि वो इसे बर्दाश्त करेंगे या फिर आगे ऐसा ना हो इसके लिए एक उदाहरण बनाएंगे।

दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद मीडिया के सामने आए फिलेंडर ने कहा, “अंपायर्स को इससे निपटना है, उम्मीद है कि वो सही फैसला करेंगे। मेरे लिए बात सीधी है। आप इस खेल से जुड़े बाकी लोगों के लिए उदाहरण बना रहे हैं। आपको सही फैसला लेना होगा। क्या आप किसी दूसरे मैच में भी इसे बर्दाश्त करेंगे? या फिर आप यहीं पर इसे रोक देंगे?”

क्या है पूरा मामला

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज आर्चर एक बार फिर विवादों में घिरे हैं। हालांकि इस बार मामला सोशल मीडिया पर हुई बहस का नहीं बल्कि मैदान पर हुई गलती का है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सेंचुरियन टेस्ट के दूसरे दिन आर्चर ने की नो बॉल को अनदेखा किए जाने के बाद अंपायर्स की काफी आलोचना हुई।

19वें ओवर में आर्चर ने दक्षिण अफ्रीका के नाइटवॉचमैन एनरिक नॉर्टजे के खिलाफ धीमी गेंद कराने की कोशिश की लेकिन गेंद नॉर्टजे के सिर के ऊपर से निकल गई। जिसे अंपायर क्रिस गैफनी ने नो बॉल करार दिया। अगली गेंद भी ऐसी ही थी और नॉर्टजे खुद को बचाने के लिए नीचे झुके। गैफनी इसे भी नो बॉल करार करने जा रहे थे, जिसके बाद आर्चर अगला ओवर नहीं कर पाते (एक ओवर में लगातार दो नो बॉल कराना आईसीसी नियम के खिलाफ है) लेकिन उन्होंने अपना सिग्नल बदल दिया। आर्चर के बाद बेन स्टोक्स ने अगला ओवर कराया, जिसके बाद दिन का खेल खत्म कर दिया गया।

मामला इतना ज्यादा आगे बढ़ गया कि दक्षिण अफ्रीका टेस्ट टीम के कप्तान फाफ डु प्लेसिस और नए कोच मार्क बाउचर दिन का खेल खत्म होने के बाद मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट से बात करने पहुंच गए।

क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, “मैच रेफरी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के संचार विभाग को इस मामले पर टिप्पणी करने की बात कहकर स्थिति को टाल दिया। हमें मामले को यहीं खत्म करने के लिए कहा गया है।”