हर क्रिकेटर अपने करियर में एक ऐसी इंजरी से जरूर गुजरता है जो उसके भविष्य को संदेह में डाल देती है। खासकर कि तेज गेंदबाज, जिनके लिए फिटनेस बरकरार रखना सबसे अहम होता है। अक्सर तेज गेंदबाज करियर के बीच में इस तरह की घातक इंजरी से गुजरते हैं लेकिन इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (Jofra Archer) को अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरू होने से पहले ही ऐसी इंजरी हुई जिसकी वजह से डॉक्टरों ने उनसे यहां तक कह दिया कि वो कभी क्रिकेट नहीं खेल सकेंगे। Also Read - फिर से उभरी जोफ्रा आर्चर की कोहनी की चोट; न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से हो सकते हैं बाहर

अपने करियर के ‘बुरे दौर’ को याद करते हुए इस इंग्लिश खिलाड़ी ने बताया कि उन्हें पीठ दर्द के कारण दो साल तक खेल से बाहर रहना पड़ा था और डॉक्टरों को लगा था कि वो शायद कभी क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। आर्चर को वेस्टइंडीज अंडर-19 टीम में जगह बनाने के बाद ये तकलीफ हुई थी। जिसके बाद वो 2015 में इंग्लैंड में आकर बस गए और अब इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम की तरफ से खेलते हैं। Also Read - Jofra Archer ने की वकालत, क्या इस बॉलर को मिलेगी टेस्ट टीम में जगह?

अपनी इंडियन प्रीमियर लीग फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के पोडकॉस्ट में आर्चर ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो वो बुरा दौर था। मैंने दो साल क्रिकेट के बिना बिताए थे। मैं युवा था और खेलना चाहता था। ऐसे में आप अपने युवा होने का पूरा फायदा उठाना चाहते हो क्योंकि अगर आप 20, 21 या यहां तक कि 25 साल के हो जाते हैं और भाग्य साथ नहीं देता तो तब भी आप मौके का इंतजार कर रहे होते हो। ऐसे में लोग उन खिलाड़ियों पर दांव नहीं खेलना चाहते हैं जो थोड़ा उम्रदराज हो जाते हैं।’’ Also Read - England के कोच Chris Silverwood का बड़ा बयान, इस सीरीज के बाद लेंगे ब्रेक

आर्चर ने बताया कि जब डॉक्टरों ने उनसे कहा कि हो सकता कि वो आगे क्रिकेट नहीं खेल पाएं तो वो बेहद निराश हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगा कि जैसे मैंने अपने सुनहरे दिन गंवा दिए हों। डॉक्टरों ने कहा कि अगर उन्हें सुधार नजर नहीं आता है तो हो सकता है कि मैं आगे क्लब क्रिकेट भी नहीं खेल पाऊं। मुझे वो दिन अब भी याद है, मैं निराश था।’’

आर्चर ने कहा, ‘‘मैंने आराम किया और फैसला लिया कि अगर दर्द कम होगा तो मैं फिर से कोशिश करूंगा। अगर ऐसा नहीं होता तो मैं वापस यूनीवर्सिटी लौटकर जीवन की दूसरी राह पर चलने लग जाऊंगा। लेकिन सौभाग्य से मैं जैसा चाहता था वैसा ही हुआ।’’

3 मई 2019 के आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड टीम में डेब्यू करने वाले आर्चर ने वनडे विश्व कप में इंग्लैंड को मिली खिताब जीत में अहम भूमिका निभाई थी।